तेंदुए की खाल के साथ तीन तस्कर गिरफ्तार
🔴 धौड़ाई वन परिक्षेत्र में गश्त के दौरान वन अमले ने तीन तस्करों को पकड़ा
🔴 गायतारा पारा सड़क के पास दो मोटरसाइकिलों पर सवार थे तीनों आरोपी
🔴 तस्करों के कब्जे से 184 सेंटीमीटर लंबी तेंदुए की खाल बरामद
🔴 तस्करी में इस्तेमाल दो मोटरसाइकिलें भी वन विभाग ने की जब्त
🔴 तीनों आरोपियों को न्यायालय ने न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा
नारायणपुर। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में वन विभाग ने वन्यजीव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तेंदुए की खाल के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई धौड़ाई वन परिक्षेत्र में 8 अगस्त को नियमित गश्त के दौरान की गई। वन अमले ने गायतारा पारा सड़क के पास दो मोटरसाइकिलों पर सवार तीन संदिग्ध व्यक्तियों को घेराबंदी कर मौके पर ही पकड़ लिया।

संदिग्ध गतिविधियों पर वन अमले ने की घेराबंदी
जानकारी के अनुसार धौड़ाई वन परिक्षेत्र के अधिकारी और वन कर्मचारियों की टीम नियमित गश्त पर थी। इसी दौरान गायतारा पारा सड़क के पास दो मोटरसाइकिलों पर सवार तीन लोगों की गतिविधियां संदिग्ध नजर आईं।
वन अमले ने तत्काल सतर्कता बरतते हुए घेराबंदी की और तीनों संदिग्धों को मौके पर पकड़ लिया। पूछताछ और तलाशी के दौरान उनके कब्जे से तेंदुए की खाल बरामद हुई।
पूर्ण वयस्क तेंदुए की खाल बरामद
वन विभाग के अनुसार बरामद तेंदुए की खाल काफी बड़ी है। इसकी कुल लंबाई 184 सेंटीमीटर, सामने के पैरों के बीच की दूरी 125 सेंटीमीटर, पिछले पैरों के बीच की दूरी 118 सेंटीमीटर और पेट की चौड़ाई 55 सेंटीमीटर मापी गई है।
खाल के अलावा तस्करी में इस्तेमाल की जा रही दो मोटरसाइकिलें भी जब्त की गई हैं। इनमें एक मोटरसाइकिल का नंबर CG-21-J-4096 और दूसरी का नंबर CG-21-J-0920 बताया गया है।
तीनों आरोपियों की हुई पहचान
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सोनूराम कचलाम, निवासी रोहताड़, छोटेडोंगर; पुनीत कुमार बघेल, निवासी डुरकाडोंगरी और जमधर पोटाई, निवासी तारागांव, धौड़ाई के रूप में हुई है।
वन विभाग ने तीनों आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव तस्करी से संबंधित प्रकरण में कानूनी कार्रवाई शुरू की।
न्यायिक रिमांड पर जेल भेजे गए आरोपी
वन विभाग ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद तीनों आरोपियों को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, नारायणपुर के न्यायालय में पेश किया। न्यायालय ने आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
वन अधिकारियों का कहना है कि वन्यजीवों की सुरक्षा और तस्करी के नेटवर्क को खत्म करने के लिए आगे भी लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
