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🔴 अग्निवीरों को पुलिस, वन और जेल विभाग की भर्ती में मिलेगा 10% आरक्षण
🔴 चार वर्ष की सेवा पूरी कर सेवामुक्त हुए अग्निवीरों को मिलेगा लाभ
🔴 किसानों के लिए उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने कैबिनेट उप समिति गठित
🔴 मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक में अहम फैसलों पर लगी मुहर
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में अग्निवीरों के भविष्य और किसानों के हितों से जुड़े अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
अग्निवीरों को मिलेगा 10 प्रतिशत आरक्षण
राज्य मंत्रिपरिषद ने फैसला किया है कि चार वर्ष की सेवा पूरी कर वैध सेवा प्रमाण-पत्र के साथ सेवामुक्त होने वाले अग्निवीरों को अब राज्य में पुलिस विभाग में आरक्षक, वन विभाग में वनरक्षक तथा जेल विभाग में प्रहरी की सीधी भर्ती में 10 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा।

राज्य सरकार का मानना है कि इस निर्णय से अग्निवीरों को सेवा समाप्ति के बाद रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे। साथ ही सेना में अर्जित उनके अनुशासन, प्रशिक्षण और अनुभव का लाभ राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को भी मिलेगा।
किसानों के लिए बनी उर्वरक उपलब्धता उप समिति
कैबिनेट बैठक में किसानों के हित में एक और महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए खरीफ और रबी सीजन में उर्वरकों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए मंत्री-मंडलीय उप समिति के गठन को मंजूरी दी गई।
इस समिति के माध्यम से राज्य में खाद की उपलब्धता, आपूर्ति और वितरण व्यवस्था की नियमित समीक्षा की जाएगी, ताकि किसानों को समय पर पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराया जा सके।
उप मुख्यमंत्री होंगे समिति के अध्यक्ष
कैबिनेट के निर्णय के अनुसार—
- उप मुख्यमंत्री समिति के अध्यक्ष होंगे।
- कृषि मंत्री, सहकारिता मंत्री और वित्त मंत्री समिति के सदस्य रहेंगे।
- कृषि उत्पादन आयुक्त समिति के संयोजक की जिम्मेदारी निभाएंगे।
यह समिति उर्वरकों की उपलब्धता, आपूर्ति, वितरण और संभावित समस्याओं की समीक्षा कर राज्य सरकार को आवश्यक सुझाव भी देगी।
रोजगार और कृषि दोनों क्षेत्रों को मिलेगा लाभ
राज्य सरकार का कहना है कि अग्निवीरों को आरक्षण देने का निर्णय युवाओं के भविष्य को सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। वहीं किसानों के लिए गठित नई समिति खेती के दोनों प्रमुख सीजन में उर्वरकों की कमी जैसी समस्याओं को दूर करने में मदद करेगी।
इन दोनों फैसलों से राज्य में रोजगार और कृषि व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
