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🔴 रायपुर में विश्व स्तनपान सप्ताह के राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन
🔴 छत्तीसगढ़ के पहले ह्यूमन मिल्क बैंक (मातृ दूध कोष) की स्थापना की घोषणा
🔴 स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल बोले- हर नवजात तक पहुंचे मां का अमूल्य दूध
🔴 10 माताओं को मिला “माता यशोदा सम्मान”, 72 हजार मितानिनों के योगदान की सराहना
रायपुर। विश्व स्तनपान सप्ताह के तहत रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के पहले मातृ दूध कोष (Human Milk Bank) की स्थापना की घोषणा की गई। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि यह पहल नवजात शिशुओं को सुरक्षित मातृ दुग्ध उपलब्ध कराने की दिशा में ऐतिहासिक कदम साबित होगी। कार्यक्रम में विभिन्न जिलों की 10 माताओं को “माता यशोदा सम्मान” से सम्मानित किया गया। आयोजन का उद्देश्य स्तनपान के महत्व के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना और मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना रहा।

मां का दूध सबसे सुरक्षित और संपूर्ण आहार: स्वास्थ्य मंत्री
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि मां का दूध शिशु के लिए सर्वोत्तम, सुरक्षित और संपूर्ण आहार है तथा स्वस्थ एवं सशक्त समाज की आधारशिला भी है। उन्होंने सभी से अपील की कि प्रत्येक नवजात को जन्म के बाद मां का दूध अवश्य मिले और स्तनपान को जन-आंदोलन बनाया जाए।
72 हजार मितानिनों को बताया आज की ‘शबरी’
स्वास्थ्य मंत्री ने मितानिन कार्यक्रम के 25 वर्षों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश की लगभग 72 हजार मितानिन बहनें दूरस्थ और वंचित क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं, माताओं और नवजात शिशुओं की निस्वार्थ सेवा कर रही हैं। उन्होंने माता शबरी के सेवा भाव का उल्लेख करते हुए कहा कि आज की मितानिन बहनें समाज की वास्तविक ‘शबरी’ हैं।
पहला ह्यूमन मिल्क बैंक बनेगा जीवनदायी पहल
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश के पहले ह्यूमन मिल्क बैंक की स्थापना से उन नवजात शिशुओं को भी सुरक्षित मातृ दुग्ध उपलब्ध कराया जा सकेगा, जिन्हें किसी कारणवश अपनी मां का दूध नहीं मिल पाता। उन्होंने इसे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक और जीवनदायी पहल बताया।
कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव अमित कटारिया, स्वास्थ्य सेवाओं के आयुक्त एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन संचालक संजीव झा, आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. प्रदीप कुमार पात्रा तथा पंडित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. विवेक चौधरी सहित स्वास्थ्य विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
