रायपुर में बाढ़ आपदा प्रबंधन की तैयारियों को लेकर आयोजित बैठक में मौजूद अधिकारी।
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🔴 रायपुर में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने बाढ़ आपदा प्रबंधन को लेकर की तैयारियों की समीक्षा
🔴 18 अगस्त को टेबल टॉप एक्सरसाइज और 20 अगस्त को होगी मॉक एक्सरसाइज
🔴 सभी जिलों के आपदा प्रबंधन अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
🔴 राहत-बचाव कार्यों के लिए स्वास्थ्य, पीडब्ल्यूडी, जल संसाधन, पुलिस और अन्य विभागों के समन्वय पर जोर
रायपुर। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा रायपुर में बाढ़ आपदा प्रबंधन की तैयारियों को लेकर उच्च स्तरीय कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश के सभी जिलों के आपदा प्रबंधन अधिकारियों को बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। राज्य में 18 अगस्त को टेबल टॉप एक्सरसाइज और 20 अगस्त को मॉक एक्सरसाइज आयोजित की जाएगी। बैठक में विभिन्न विभागों के समन्वय, राहत और बचाव कार्यों की तैयारियों की भी समीक्षा की गई।

टेबल टॉप एक्सरसाइज को लेकर दिए निर्देश
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव शम्मी आबिदी ने जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे टेबल टॉप एक्सरसाइज के दौरान अपनाई जाने वाली सभी प्रक्रियाओं को अच्छी तरह समझें। उन्होंने कहा कि वास्तविक बाढ़ आपदा के समय त्वरित राहत और बचाव कार्य सुनिश्चित करने के लिए यह अभ्यास बेहद महत्वपूर्ण है।
विभिन्न विभागों की भूमिका पर चर्चा
बैठक के दौरान बाढ़ आपदा की स्थिति में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, लोक निर्माण, जल संसाधन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी और पशुपालन विभाग की भूमिका और उनके बीच आवश्यक समन्वय की विस्तार से समीक्षा की गई। अधिकारियों को आपदा के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों में बेहतर तालमेल के साथ काम करने के निर्देश दिए गए।
राहत और बचाव की तैयारियों को किया जाएगा परखा
आगामी मॉक एक्सरसाइज के दौरान बाढ़ जैसी आपदा की स्थिति में विभिन्न विभागों और राहत-बचाव एजेंसियों की तैयारियों को व्यावहारिक रूप से परखा जाएगा। इसका उद्देश्य आपदा के समय त्वरित निर्णय, बेहतर समन्वय और प्रभावी राहत एवं बचाव व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
उच्च स्तरीय बैठक में नगर सेना, अग्निशमन, नागरिक सुरक्षा एवं एसडीआरएफ के महानिदेशक, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (पुलिस मुख्यालय), मंडल रेल प्रबंधक (रायपुर डिवीजन), एनडीआरएफ कमांडेंट, स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट के निदेशक, विज्ञान केंद्र, दूरसंचार, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ राज्य शासन के पंचायत, ऊर्जा, जल संसाधन, लोक निर्माण, परिवहन और खाद्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
