धरमजयगढ़ के जमाबीरा गांव में जंगली हाथी के हमले में बुजुर्ग ग्रामीण की मौत के बाद मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम।
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🔴 बाकारुमा वन परिक्षेत्र के जमाबीरा गांव में जंगली हाथी ने बुजुर्ग पर किया हमला
🔴 हाथी ने ग्रामीण को बुरी तरह कुचला, मौके पर ही हुई दर्दनाक मौत
🔴 मृतक की पहचान रतन उर्फ चंदन गुप्ता के रूप में हुई
🔴 धरमजयगढ़ वन मंडल में 129 हाथियों की मौजूदगी, ग्रामीणों में बढ़ी दहशत
रायगढ़। धरमजयगढ़ वन मंडल क्षेत्र में मानव-हाथी द्वंद्व की घटनाएं लगातार चिंता बढ़ा रही हैं। रविवार देर रात बाकारुमा वन परिक्षेत्र के ग्राम जमाबीरा में एक जंगली हाथी आबादी वाले इलाके में पहुंच गया। इसी दौरान हाथी की चपेट में आने से करीब 60 वर्षीय बुजुर्ग ग्रामीण की दर्दनाक मौत हो गई। बताया जा रहा है कि हाथी ने ग्रामीण को बुरी तरह कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

आबादी में घुसा हाथी, बुजुर्ग पर किया हमला
घटना देर रात की बताई जा रही है। जंगल से निकलकर एक जंगली हाथी ग्राम जमाबीरा के आबादी वाले क्षेत्र में पहुंच गया। इसी दौरान ग्रामीण और हाथी के बीच आमना-सामना हो गया। हाथी ने ग्रामीण पर हमला कर दिया और उसे कुचल दिया। बताया जा रहा है कि हमले में उसके सिर पर गंभीर चोट आई, जिसके चलते मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
मृतक की पहचान रतन उर्फ चंदन गुप्ता, निवासी जमाबीरा, उम्र करीब 60 वर्ष के रूप में हुई है। घटना के बाद ग्राम जमाबीरा सहित आसपास के क्षेत्रों में दहशत का माहौल है।
वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। विभाग की टीम द्वारा मामले की जांच के साथ आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। वहीं, आसपास के क्षेत्र में हाथी की मौजूदगी को देखते हुए ग्रामीणों को सतर्क किया जा रहा है।
वन विभाग ने ग्रामीणों से की सतर्क रहने की अपील
वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे रात के समय घरों से बाहर न निकलें और जंगली हाथियों के करीब जाने से बचें। हाथी दिखाई देने पर उससे दूरी बनाए रखते हुए सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी गई है। ग्रामीणों को हाथियों की गतिविधियों को लेकर लगातार सतर्क किया जा रहा है।
आबादी में हाथी की दस्तक से बढ़ी चिंता
जमाबीरा में आबादी क्षेत्र के बीच हाथी के पहुंचने और बुजुर्ग की मौत की घटना ने एक बार फिर धरमजयगढ़ क्षेत्र में बढ़ते मानव-हाथी द्वंद्व की गंभीरता को सामने ला दिया है। पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र के अलग-अलग इलाकों में हाथियों की मौजूदगी के कारण ग्रामीणों में भय बना हुआ है। आबादी के करीब हाथियों के पहुंचने से ग्रामीणों को जान-माल की सुरक्षा की चिंता सताने लगी है।
धरमजयगढ़ वन मंडल में 129 हाथी, 32 शावक भी शामिल
जानकारी के अनुसार धरमजयगढ़ वन मंडल क्षेत्र में कुल 129 हाथी मौजूद हैं। इनमें 38 नर, 59 मादा और 32 शावक शामिल हैं। धरमजयगढ़ वन परिक्षेत्र के आमापाली में सबसे बड़ा दल 36 हाथियों का है। वहीं कापू रेंज के पुटुकछार में 17 हाथी और रूवाफूल में 16 हाथियों का दल मौजूद है।
हाथियों की इतनी बड़ी संख्या और आबादी वाले क्षेत्रों के आसपास उनकी लगातार गतिविधियों से मानव-हाथी द्वंद्व का खतरा बना हुआ है। वन विभाग द्वारा ग्रामीणों को सावधानी बरतने और हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।
पांच दिन में 107 ग्रामीण प्रभावित
क्षेत्र में पिछले पांच दिनों के दौरान हाथियों की गतिविधियों से 107 ग्रामीण प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। लगातार बढ़ती हाथियों की मौजूदगी के बीच वन विभाग के सामने ग्रामीणों की सुरक्षा और मानव-हाथी संघर्ष को रोकना बड़ी चुनौती बनी हुई है।
