बारिश के बाद गड्ढों और कीचड़ से बढ़ी परेशानी
🔴 राजपुरी खुर्द से पाढ़ी के बीच निर्माणाधीन सड़क पर जगह-जगह गड्ढे और कीचड़
🔴 बारिश का पानी भरने से वाहन चालकों को सड़क और गड्ढे में अंतर करना मुश्किल
🔴 कीचड़ में फंस रहे भारी वाहन, लंबे जाम का बढ़ा खतरा
🔴 दोपहिया वाहन चालकों के लिए फिसलन और गड्ढों से हादसे का जोखिम
🔴 ठेकेदार को बारिश खुलते ही खराब हिस्सों की मरम्मत के निर्देश
अंबिकापुर। अंबिकापुर-रामानुजगंज राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माणाधीन हिस्से में बारिश के बाद सड़क की हालत बदतर हो गई है। राजपुरी खुर्द से पाढ़ी के बीच कई स्थानों पर जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं। इनमें बारिश का पानी भर जाने से वाहन चालकों को सड़क और गड्ढे के बीच अंतर करना मुश्किल हो रहा है। वहीं जगह-जगह कीचड़ के कारण भारी वाहनों के फंसने की स्थिति बन रही है, जिससे मार्ग पर कभी भी लंबा जाम लग सकता है।

निर्माणाधीन सड़क पर बढ़ी परेशानी
राजपुरी खुर्द से पाढ़ी तथा बलरामपुर से रामानुजगंज तक सड़क निर्माण कार्य जारी है। निर्माणाधीन मार्ग पर बारिश के पानी की निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से परेशानी बढ़ गई है। कई जगह सड़क की सतह उखड़ गई है और गड्ढों में कीचड़ जमा हो गया है।
भारी वाहन इन हिस्सों से गुजरते समय फंस रहे हैं। वहीं दोपहिया वाहन चालकों के लिए फिसलन और गड्ढों के कारण दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।
महत्वपूर्ण मार्ग होने से बढ़ी चिंता
अंबिकापुर-रामानुजगंज मार्ग क्षेत्र का महत्वपूर्ण मार्ग है। यह झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल सहित कई क्षेत्रों को जोड़ता है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री और मालवाहक वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं। ऐसे में निर्माण के दौरान यातायात सुचारू रखने के लिए सड़क को चलने योग्य रखना जरूरी है।
जल निकासी की व्यवस्था पर उठे सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि बारिश होते ही निर्माणाधीन सड़क की स्थिति खराब हो जाती है। जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने से जगह-जगह पानी और कीचड़ जमा हो रहा है। लोगों ने खराब हिस्सों की तत्काल मरम्मत और गड्ढों की भराई कराने की मांग की है।
ठेकेदार को सड़क चालू रखने के निर्देश
एसडीओ एनएच बलरामपुर निखिल लकड़ा ने बताया कि ठेकेदार को बारिश खुलते ही खराब हिस्सों की मरम्मत करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सड़क खराब होने पर ठेकेदार को लगातार मरम्मत कर मार्ग को चलने योग्य रखना है, ताकि यातायात सुचारू रूप से संचालित होता रहे।
