तीन महीने में दूसरी बार क्रैश हुआ ट्रेनिंग विमान
🔴 बारामती एयरपोर्ट परिसर में लैंडिंग के दौरान ट्रेनिंग विमान दुर्घटनाग्रस्त
🔴 विमान में सवार ट्रेनी पायलट सुरक्षित, किसी के हताहत होने की खबर नहीं
🔴 मई 2026 के बाद तीन महीने में बारामती में दूसरी ट्रेनिंग विमान दुर्घटना
🔴 हादसे के बाद बारामती एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
🔴 जनवरी में चार्टर विमान हादसे में अजित पवार समेत 5 लोगों की हुई थी मौत
पुणे। महाराष्ट्र के बारामती में रविवार को एक बार फिर ट्रेनिंग विमान हादसे का मामला सामने आया है। बारामती एयरपोर्ट के पास लैंडिंग की कोशिश के दौरान एक प्रशिक्षण विमान जमीन पर आ गिरा। राहत की बात यह रही कि विमान में सवार ट्रेनी पायलट सुरक्षित बच गया। हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। बताया गया कि विमान को भी ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा है।

लैंडिंग के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार हादसा 9 अगस्त 2026 को दोपहर करीब 12:35 बजे हुआ। एयरपोर्ट परिसर में ही लैंडिंग की कोशिश के दौरान ट्रेनिंग विमान जमीन पर गिर गया। घटना के बाद मौके पर राहत और बचाव से जुड़ी कार्रवाई की गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक विमान में सवार ट्रेनी पायलट सुरक्षित है।
तीन महीने में दूसरी बार हादसा
बारामती एयरपोर्ट परिसर में पायलटों को प्रशिक्षण देने वाली दो संस्थाएं संचालित होती हैं। इसी साल 13 मई 2026 को भी बारामती के गोजुबावी इलाके में एक ट्रेनिंग विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। उस घटना में भी ट्रेनी पायलट सुरक्षित बच गया था।
अब करीब तीन महीने के भीतर दूसरी बार ट्रेनिंग विमान हादसा होने से प्रशिक्षण उड़ानों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
जनवरी में चार्टर विमान हादसे में हुई थी 5 लोगों की मौत
इससे पहले जनवरी 2026 में बारामती एयरपोर्ट पर एक चार्टर विमान हादसे का शिकार हुआ था। इस दुर्घटना में महाराष्ट्र के तत्कालीन उपमुख्यमंत्री अजित पवार समेत 5 लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद अब लगातार सामने आ रहे विमान हादसों ने एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
बारामती में लगातार सामने आ रही विमान दुर्घटनाओं के बाद एयरपोर्ट की सुरक्षा, विमान संचालन और निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। सवाल यह भी है कि पहले हुए हादसों के बाद सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए क्या स्थायी कदम उठाए गए और प्रशिक्षण उड़ानों की निगरानी किस तरह की जा रही है।
