विश्व पर्यटन दिवस कार्यक्रम के लिए मंत्री को दिया आमंत्रण, पर्यटन स्थलों के प्रचार, सुविधाओं के विस्तार और स्थानीय रोजगार पर हुई चर्चा

रायपुर। छत्तीसगढ़ में पर्यटन गतिविधियों के विस्तार और प्रदेश की पर्यटन संभावनाओं को देश-दुनिया तक पहुंचाने को लेकर छत्तीसगढ़ ट्रेवल एंड टूरिज्म एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल से मुलाकात की।
प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री को 27 सितंबर को आयोजित होने वाले विश्व पर्यटन दिवस कार्यक्रम के लिए आमंत्रित किया और कार्यक्रम की रूपरेखा की जानकारी दी। मंत्री ने आमंत्रण स्वीकार करते हुए कार्यक्रम में शामिल होने का आश्वासन दिया।
पर्यटन विकास को लेकर कई सुझावों पर चर्चा
बैठक में छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों के विकास, पर्यटकों के लिए सुविधाओं का विस्तार, पर्यटन स्थलों के प्रचार-प्रसार और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े हितधारकों की भागीदारी बढ़ाने जैसे विषयों पर चर्चा हुई।
मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में प्राकृतिक, सांस्कृतिक, धार्मिक, ऐतिहासिक और जनजातीय पर्यटन की व्यापक संभावनाएं हैं। बेहतर सुविधाओं और प्रभावी प्रचार के जरिए इन पर्यटन स्थलों को देश-विदेश के पर्यटकों तक पहुंचाया जा सकता है।
पर्यटन से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
मंत्री ने कहा कि पर्यटन केवल घूमने-फिरने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी पैदा करता है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सकती है।
पर्यटन क्षेत्र के माध्यम से स्थानीय युवाओं, महिलाओं, कारीगरों, कलाकारों, होम-स्टे संचालकों और छोटे व्यवसायियों के लिए आर्थिक अवसर विकसित किए जा सकते हैं।
27 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस कार्यक्रम
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि 27 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विविधता और पर्यटन संभावनाओं को व्यापक स्तर पर प्रदर्शित करने का मंच होगा।
कार्यक्रम के जरिए पर्यटन उद्योग से जुड़े विभिन्न पक्षों के बीच संवाद और सहयोग को मजबूत करने पर भी जोर दिया जाएगा।
सरकार और पर्यटन उद्योग के बीच समन्वय पर जोर
मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि पर्यटन विभाग और पर्यटन उद्योग से जुड़े संगठनों के बीच लगातार संवाद और समन्वय से प्रदेश के पर्यटन विकास को गति दी जा सकती है।
उन्होंने कहा कि बेहतर सुविधाओं, प्रभावी प्रचार-प्रसार और सभी संबंधित पक्षों की सहभागिता के जरिए छत्तीसगढ़ की पर्यटन क्षमता को नई पहचान दिलाने के लिए प्रयास किए जाएंगे।
