छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना का लाभ पाने के लिए प्रदेश की करीब 10 लाख महिलाएं अब भी नए पंजीयन का इंतजार कर रही हैं। इनमें बड़ी संख्या नवविवाहित महिलाओं की है, जिन्हें पात्र होने के बावजूद योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। सबसे अधिक करीब दो लाख महिलाएं बस्तर संभाग की बताई जा रही हैं।

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🔴महतारी वंदन योजना के लिए 10 लाख महिलाएं कर रहीं इंतजार
🔴नए पंजीयन नहीं होने से नवविवाहिताएं लाभ से वंचित
🔴68 लाख से अधिक महिलाओं को हर महीने मिल रहे ₹1000
🔴28 किस्तों में 18,165 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान
🔴पोर्टल खुलने का इंतजार, लाखों आवेदन अब भी लंबित
योजना की शुरुआत 1 मार्च 2024 से हुई थी, लेकिन दो वर्ष बीत जाने के बाद भी नए हितग्राहियों के लिए नियमित रूप से पोर्टल नहीं खोला गया है। इसके चलते हजारों पात्र महिलाएं आवेदन नहीं कर पा रही हैं। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में कई परिवारों में ऐसी स्थिति बन गई है कि एक ही घर में जेठानी को योजना का लाभ मिल रहा है, जबकि बाद में विवाह कर आई देवरानी पंजीयन नहीं होने के कारण अब भी वंचित है।
महिला एवं बाल विकास विभाग ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर अगस्त 2025 में सीमित अवधि के लिए पोर्टल खोला था। हालांकि यह सुविधा केवल बस्तर संभाग के ‘नियद नेल्ला नार’ योजना से जुड़े सुरक्षा शिविरों के पांच किलोमीटर दायरे के गांवों तक सीमित रही, जहां करीब 7 हजार महिलाओं का पंजीयन किया गया।
सरकार के आंकड़ों के अनुसार, महतारी वंदन योजना के तहत वर्तमान में 68 लाख से अधिक महिलाओं को हर महीने एक-एक हजार रुपये की सहायता राशि मिल रही है। अब तक 28 किस्तों के माध्यम से 18 हजार 165 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जा चुकी है।
वहीं, नए पंजीयन की मांग लगातार बढ़ रही है। पिछले वर्ष सुशासन तिहार के दौरान विभाग को दो लाख से अधिक आवेदन मिले थे, लेकिन पोर्टल बंद होने के कारण वे लंबित हैं। इस वर्ष भी बड़ी संख्या में महिलाओं ने आवेदन दिए हैं और अब सभी की नजर सरकार द्वारा पोर्टल दोबारा खोलने के फैसले पर टिकी है।
