खरीफ सीजन से पहले छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए खाद वितरण की टोकन व्यवस्था समाप्त कर दी है। अब किसानों को खाद लेने के लिए पहले की तरह टोकन लेने की जरूरत नहीं होगी। वे सीधे सहकारी समितियों और निर्धारित वितरण केंद्रों से अपनी आवश्यकता के अनुसार खाद प्राप्त कर सकेंगे।

Highlight Lines
🔴खाद वितरण में टोकन व्यवस्था पूरी तरह खत्म
🔴अब किसान सीधे केंद्रों से ले सकेंगे जरूरत अनुसार खाद
🔴40 लाख से अधिक किसानों को मिलेगा फैसले का लाभ
🔴खरीफ सीजन में खाद वितरण होगा आसान और तेज
🔴कृषि मंत्री बोले— राज्य में खाद का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध
अब तक लागू व्यवस्था के तहत बड़े किसानों को तीन, मध्यम किसानों को दो और छोटे किसानों को केवल एक टोकन दिया जाता था। इस कारण किसानों को खाद किस्तों में मिलती थी और समय पर पर्याप्त मात्रा नहीं मिलने से उन्हें बार-बार केंद्रों के चक्कर लगाने पड़ते थे। कई स्थानों पर कालाबाजारी और अव्यवस्था की शिकायतें भी सामने आई थीं।
इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद राज्य सरकार ने व्यवस्था की समीक्षा की और अब टोकन प्रणाली को पूरी तरह समाप्त करने का निर्णय लिया है। सरकार का कहना है कि इससे प्रदेश के 40 लाख से अधिक किसानों को सीधा लाभ मिलेगा और खरीफ सीजन में खाद वितरण पहले से अधिक सरल और सुचारु होगा।
कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि राज्य में खाद का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है। इसी वजह से टोकन व्यवस्था खत्म की गई है, ताकि किसानों को अनावश्यक इंतजार न करना पड़े और वे एक ही बार में अपनी जरूरत के अनुसार खाद प्राप्त कर सकें।
सरकार का मानना है कि इस फैसले से किसानों का समय बचेगा, वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और खेती के कार्य समय पर पूरे करने में आसानी होगी।
