जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में वेतन और भत्तों से जुड़े करोड़ों रुपये के कथित घोटाले का बड़ा खुलासा हुआ है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि एक आरक्षक के खाते में हर महीने 20 से 30 लाख रुपये तक वेतन और भत्ते के नाम पर जमा किए जा रहे थे। मामले का खुलासा नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की ऑडिट के दौरान हुआ, जिसके बाद पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
प्रारंभिक जांच के अनुसार, मुख्य आरोपी आरक्षक गिरीश राय के खाते में पिछले चार से पांच महीनों के दौरान करीब 1.2 करोड़ रुपये जमा हुए। जबकि उसका वास्तविक मासिक वेतन महज 45 हजार रुपये था। सूत्रों के अनुसार, बीते कुछ वर्षों में उसके खाते में वेतन और भत्तों के नाम पर करीब 3.5 करोड़ रुपये जमा होने की आशंका जताई जा रही है।
जांच में यह भी सामने आया है कि कथित गबन की राशि का बड़ा हिस्सा शेयर बाजार में निवेश किया गया, जहां उसे भारी नुकसान हुआ। इसके अलावा लग्जरी गाड़ियों की खरीद, महंगी यात्राओं और अन्य खर्चों पर भी रकम खर्च किए जाने की जानकारी मिली है। पुलिस अब आरोपी के बैंक खातों, निवेश और संपत्तियों की जांच कर रही है।

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🔴 बस्तर एसपी कार्यालय में करोड़ों के वेतन घोटाले का खुलासा
🔴 45 हजार वेतन वाले आरक्षक के खाते में पहुंचे करोड़ों रुपये
🔴 कैग ऑडिट में खुला मामला, तीन आरोपी गिरफ्तार
🔴 350 कर्मचारियों के वेतन रिकॉर्ड की जांच, 15 कर्मचारी संदिग्ध
🔴 बैंक खाते, निवेश और संपत्तियों की जांच में जुटी पुलिस
कैग की ऑडिट टीम पिछले एक सप्ताह से एसपी कार्यालय के रिकॉर्ड की जांच कर रही थी। जांच के दौरान लगभग 70 पन्नों की सूची तैयार की गई, जिसमें करीब 350 पुलिसकर्मियों के वेतन भुगतान का विवरण शामिल है। इनमें से करीब 15 कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, आरक्षक गिरीश राय वर्ष 2011 से लगातार एसपी कार्यालय की वेतन शाखा में पदस्थ था। लंबे समय तक एक ही शाखा में तैनाती को लेकर विभागीय मिलीभगत की आशंका भी जताई जा रही है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच में जुटी हुई है।
