रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। मौसम विभाग के अनुसार 30 जून से दक्षिण-पश्चिम मानसून ने पूरे प्रदेश को कवर कर लिया है। बंगाल की खाड़ी में बन रहे कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से अगले सात दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर वज्रपात की चेतावनी भी जारी की गई है।

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🔴 छत्तीसगढ़ में मानसून पूरी तरह सक्रिय, अगले 7 दिन बारिश के आसार
🔴 3 जुलाई के आसपास कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना
🔴 कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट
🔴 कुसमी में सबसे ज्यादा 90 मिमी बारिश दर्ज
🔴 रायपुर समेत कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना
बुधवार को प्रदेश के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हुई, जबकि सरगुजा और बस्तर संभाग के कुछ इलाकों में भारी वर्षा दर्ज की गई। राजधानी रायपुर में दिनभर बादल छाए रहे। यहां अधिकतम तापमान 33.3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विभाग के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी और दक्षिणी बांग्लादेश के ऊपर सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण के कारण 3 जुलाई के आसपास कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके असर से प्रदेशभर में बारिश की गतिविधियां और तेज होंगी।
बारिश के आंकड़ों की बात करें तो सरगुजा जिले के कुसमी में सबसे अधिक 90 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। वहीं कोटाडोल और पखांजूर में 70-70 मिलीमीटर बारिश हुई। चंद्रपुर, मर्दापाल, साकोला और गिधौरी टुंडरा में 50 मिलीमीटर, जबकि सेवरीनारायण, कोटा और दंतेवाड़ा में 40 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
रायपुर सहित कई जिलों में तेज हवा, गरज-चमक और बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और वज्रपात के समय सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
