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🔴 2026-27 सत्र से पैरामेडिकल कोर्स में NEET होगा अनिवार्य
🔴 बिना NEET अब नहीं मिलेगा किसी भी कॉलेज में प्रवेश
🔴 BPT इंटर्नशिप 6 महीने से बढ़ाकर 1 साल की गई
🔴 फर्जी संस्थानों पर लगेगी रोक, कड़े होंगे मान्यता नियम
रायपुर। NEET UG Counselling को लेकर पैरामेडिकल छात्रों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 से छत्तीसगढ़ समेत पूरे देश के 10 प्रमुख पैरामेडिकल कोर्स में प्रवेश केवल NEET UG के माध्यम से होगा। नेशनल कमीशन फॉर एलाइड एंड हेल्थकेयर प्रोफेशंस (NCAHP) ने नए नियम लागू कर दिए हैं।

पिछले दो वर्षों (2024 और 2025) तक पैरामेडिकल कोर्स में प्रवेश नहीं होने से कई छात्रों का शैक्षणिक वर्ष प्रभावित हुआ। अब री-नीट के बाद परिणाम जारी होते ही ऑनलाइन काउंसिलिंग शुरू होगी और सभी प्रवेश मेरिट के आधार पर किए जाएंगे।
नए नियमों के अनुसार अब कोई भी सरकारी या निजी कॉलेज सीधे (डायरेक्ट) एडमिशन नहीं दे सकेगा। पैरामेडिकल और बीपीटी कोर्स में प्रवेश के लिए NEET क्वालिफाई करना अनिवार्य होगा। इससे बिना मान्यता वाले संस्थानों पर भी रोक लगने की उम्मीद है।
नई व्यवस्था के तहत बैचलर ऑफ फिजियोथैरेपी (BPT) की इंटर्नशिप अवधि 6 माह से बढ़ाकर 12 माह कर दी गई है। साथ ही मेडिकल कॉलेजों की तर्ज पर इंफ्रास्ट्रक्चर और फैकल्टी के कड़े मानदंड लागू होंगे। इन्हीं मानकों के आधार पर कॉलेजों की मान्यता और सीटों का निर्धारण किया जाएगा।
नए नियमों का प्रभाव बैचलर ऑफ फिजियोथैरेपी, ऑक्यूपेशनल थैरेपी, मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी, रेडियोलॉजी एवं इमेजिंग, ऑप्थेलमिक साइंस, न्यूट्रिशनल साइंस, ट्रॉमा एवं एनेस्थीसिया टेक्नोलॉजी, हेल्थ इंफॉर्मेशन मैनेजमेंट सहित 10 प्रमुख पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों पर पड़ेगा।
