Highlight Lines
🔴 बच्चों को सत्संग और कथा से जोड़ने का दिया संदेश
🔴 छोटी-छोटी बातों पर बढ़ती हिंसा पर जताई चिंता
🔴 14 जुलाई तक चलेगी श्रीमद्भागवत कथा
🔴 तिलक, शिखा और तुलसी माला को बताया सनातनी पहचान
रायपुर। शहर के इंडोर स्टेडियम में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि बच्चों को अच्छे संस्कार देकर ही उन्हें अपराध और गलत रास्ते पर जाने से बचाया जा सकता है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को बचपन से ही सत्संग और कथा से जोड़ने की अपील की।

देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि आज छोटी-छोटी बातों पर बच्चों का हिंसक होना चिंता का विषय है। यदि आने वाली पीढ़ी को संस्कारवान, चरित्रवान और धर्मनिष्ठ बनाना है तो माता-पिता को उन्हें भगवान श्रीराम, श्रीकृष्ण और संतों के आदर्श जीवन से परिचित कराना होगा।
वैश्य फेडरेशन के तत्वावधान में आयोजित यह कथा 14 जुलाई तक चलेगी। प्रतिदिन दोपहर 3:30 बजे से कथा का आयोजन किया जा रहा है। दूसरे दिन तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने भी कथा स्थल पहुंचकर व्यासपीठ का आशीर्वाद लिया और कथा श्रवण किया।
कथावाचक ने श्रद्धालुओं को सनातनी पहचान का महत्व बताते हुए कहा कि माथे का तिलक, सिर की शिखा, गले की तुलसी माला और मुख में राम नाम केवल धार्मिक प्रतीक नहीं, बल्कि अनुशासन, भक्ति और वैदिक परंपरा के प्रतीक हैं। कथा स्थल पर बिना तिलक आने वाले श्रद्धालुओं को तिलक लगाकर ही प्रवेश दिया जा रहा है।
