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🔴 रायपुर के निजी स्कूल में सीलिंग फैन गिरने से चौथी कक्षा का छात्र घायल
🔴 बेमेतरा के सरकारी स्कूल में छत का प्लास्टर गिरने से दो छात्र गंभीर घायल
🔴 राजधानी में 134 से अधिक जर्जर स्कूल भवन अब भी संचालित
🔴 डीईओ ने जांच के दिए निर्देश, जर्जर कक्ष को किया गया सील
रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। रायपुर और बेमेतरा जिले के दो अलग-अलग स्कूलों में हुए हादसों में तीन छात्र घायल हो गए। इन घटनाओं ने जर्जर स्कूल भवनों और रखरखाव में लापरवाही को उजागर कर दिया है।

रायपुर में छात्र पर गिरा सीलिंग फैन
रायपुर के माना स्थित राय पब्लिक स्कूल में शनिवार को प्रार्थना के बाद कक्षा के दौरान अचानक सीलिंग फैन टूटकर चौथी कक्षा के छात्र लक्ष्य पॉल पर गिर गया। हादसे में छात्र के सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं तथा उसके सिर में चार टांके लगाने पड़े।
परिजनों का आरोप है कि स्कूल की छत पुरानी सीमेंट शीट से बनी है और पंखा भी जंग लगा व जर्जर था। उनका कहना है कि हादसे के बाद बच्चे को बेहतर अस्पताल ले जाने के बजाय केवल स्थानीय क्लिनिक में प्राथमिक उपचार कराया गया। मामले में जिला शिक्षा अधिकारी एस. सतीश ने जांच कराने की बात कही है।
बेमेतरा में छत का प्लास्टर गिरा, दो छात्र घायल
बेमेतरा जिले के साजा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम गुवारा स्थित शासकीय स्कूल में सोमवार को पढ़ाई के दौरान जर्जर छत का प्लास्टर अचानक गिर गया। मलबे की चपेट में आने से पारस और प्रवेश नामक दो छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए।
शिक्षकों ने दोनों बच्चों को पहले थान खमरिया अस्पताल पहुंचाया, जहां से उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर किया गया। दोनों छात्रों का सीटी स्कैन कराया जा रहा है। बीईओ टीजी पात्रा ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि संबंधित कक्षा को तत्काल सील कर दिया गया है।
राजधानी में 134 से अधिक जर्जर स्कूल भवन
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, रायपुर जिले में 134 से अधिक स्कूल जर्जर भवनों में संचालित हो रहे हैं। इनमें धरसींवा, तिल्दा, आरंग और अभनपुर ब्लॉक के कई भवनों को तोड़ने योग्य बताया गया है।
स्कूल जतन योजना की जांच अब तक अधूरी
वर्ष 2022-23 की मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना के तहत स्कूलों की मरम्मत के लिए स्वीकृत हजारों कार्यों में अनियमितताओं की जांच दो वर्ष बाद भी पूरी नहीं हो सकी है। 25 हजार स्वीकृत कार्यों में से 4,700 से अधिक कार्य रोक दिए गए, जिससे कई स्कूलों के मरम्मत कार्य अधर में लटके हुए हैं।
