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🔴 53 किलोग्राम वर्ग में भारत की ओर से करेंगी चुनौती पेश
🔴 2022 से लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जीत रही हैं पदक
🔴 IBFC यूनिवर्सल कप 2026 में जीत चुकी हैं गोल्ड मेडल
🔴 छत्तीसगढ़ पुलिस में पदस्थ ज्ञानेश्वरी पर पूरे देश की निगाहें
रायपुर। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में आज पूरे देश की नजर छत्तीसगढ़ की होनहार वेटलिफ्टर ज्ञानेश्वरी यादव पर टिकी हुई है। 53 किलोग्राम वर्ग की वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में ज्ञानेश्वरी भारत की ओर से चुनौती पेश करेंगी। लगातार शानदार प्रदर्शन करने वाली ज्ञानेश्वरी को इस प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। खेल प्रेमियों के साथ-साथ पूरे देश को उनसे गोल्ड मेडल की उम्मीद है।

ज्ञानेश्वरी यादव की खेल यात्रा बेहद प्रेरणादायक रही है। उन्होंने सातवीं कक्षा में पहली बार बारबेल उठाया और तभी से वेटलिफ्टिंग को अपना लक्ष्य बना लिया। शुरुआती दौर में स्कूल स्तरीय प्रतियोगिताओं में सफलता हासिल करने के बाद उन्होंने स्कूल नेशनल, ओपन नेशनल और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार शानदार प्रदर्शन किया। कठिन मेहनत, अनुशासन और लगातार अभ्यास के दम पर उन्होंने भारतीय टीम में अपनी जगह बनाई।

इस वर्ष आयोजित IBFC यूनिवर्सल कप 2026 में ज्ञानेश्वरी यादव ने 53 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर देश और छत्तीसगढ़ का नाम अंतरराष्ट्रीय मंच पर रोशन किया। समोआ के एपिया स्थित तुआनाईमाटो स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित इस प्रतियोगिता में 70 देशों के करीब 500 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था, जहां ज्ञानेश्वरी ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए गोल्ड अपने नाम किया।
ज्ञानेश्वरी इससे पहले भी कई बड़ी उपलब्धियां अपने नाम कर चुकी हैं। वह जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप की सिल्वर मेडलिस्ट, सीनियर कॉमनवेल्थ गोल्ड मेडलिस्ट और छत्तीसगढ़ शासन के प्रतिष्ठित गुंडाधुर पुरस्कार से सम्मानित खिलाड़ी हैं। वर्तमान में वह छत्तीसगढ़ पुलिस में पदस्थ हैं और उनकी पोस्टिंग राजनांदगांव में है। उनकी सफलता के पीछे उनके कोच अजय लोहार विश्वकर्मा का महत्वपूर्ण योगदान माना जाता है, जिनके मार्गदर्शन में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बनाई।
अब कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में ज्ञानेश्वरी यादव के सामने एक और बड़ा अवसर है। ग्लासगो में आयोजित इस प्रतियोगिता में वह अपनी ताकत, तकनीक और अनुभव के दम पर स्वर्ण पदक जीतकर भारत का तिरंगा सबसे ऊंचा लहराने के इरादे से उतरेंगी। छत्तीसगढ़ के खेल प्रेमियों के साथ-साथ पूरे देश की निगाहें आज उनके प्रदर्शन पर टिकी हैं और सभी को उम्मीद है कि ज्ञानेश्वरी एक बार फिर भारत को गौरवान्वित करेंगी।
