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ITI करने के बाद सिर्फ नौकरी ही एक विकल्प नहीं है। जानिए अप्रेंटिसशिप, सरकारी-प्राइवेट नौकरी, स्वरोजगार और आगे की पढ़ाई के कौन-कौन से रास्ते खुलते हैं।

10वीं के बाद ITI करने वाले विद्यार्थियों के सामने आगे बढ़ने के कई रास्ते होते हैं। ITI का उद्देश्य युवाओं को अलग-अलग ट्रेड में व्यावहारिक और तकनीकी कौशल देना है, ताकि वे रोजगार के साथ-साथ स्वरोजगार के लिए भी तैयार हो सकें।
ITI में ट्रेड के अनुसार प्रशिक्षण की अवधि अलग-अलग होती है। DGT के अनुसार Craftsmen Training Scheme में वर्तमान में 169 NSQF-compliant ट्रेड संचालित किए जा रहे हैं और कई ट्रेड 1 या 2 वर्ष की अवधि के हैं। सफल प्रशिक्षण के बाद संबंधित परीक्षा पास करने वाले विद्यार्थियों को National Trade Certificate यानी NTC मिलता है।
ITI के बाद पहला रास्ता—सीधे नौकरी
ITI के बाद विद्यार्थी अपने ट्रेड के अनुसार निजी कंपनियों, वर्कशॉप, सर्विस सेंटर, मैन्युफैक्चरिंग यूनिट और अन्य तकनीकी संस्थानों में नौकरी के अवसर तलाश सकते हैं।
Electrician, Fitter, Welder, Mechanic, COPA और अन्य तकनीकी ट्रेड करने वाले विद्यार्थियों के लिए उनके कौशल के अनुरूप अलग-अलग रोजगार क्षेत्र हो सकते हैं।
हालांकि नौकरी का पद, वेतन और चयन प्रक्रिया कंपनी, ट्रेड, अनुभव और उम्मीदवार की योग्यता के अनुसार अलग-अलग होती है।
दूसरा रास्ता—Apprenticeship
ITI के बाद Apprenticeship एक महत्वपूर्ण विकल्प है। इसमें विद्यार्थी किसी उद्योग या संस्थान में काम करते हुए व्यावहारिक अनुभव हासिल कर सकता है।
DGT के अनुसार Apprenticeship Training में अलग-अलग ट्रेड और उद्योगों के लिए प्रशिक्षण उपलब्ध है। अप्रेंटिसशिप पूरी करने के बाद संबंधित परीक्षा पास करने पर National Apprenticeship Certificate यानी NAC दिया जाता है, जिसे रोजगार के लिए मान्यता प्राप्त योग्यता माना जाता है। अप्रेंटिस को प्रशिक्षण के दौरान मासिक स्टाइपेंड भी दिया जाता है, जिसकी व्यवस्था नियमों के अनुसार होती है।
तीसरा रास्ता—सरकारी नौकरी की तैयारी
ITI के बाद विद्यार्थी अपनी ट्रेड और अन्य पात्रता के अनुसार विभिन्न सरकारी भर्ती परीक्षाओं की तैयारी कर सकते हैं।
रेलवे, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, तकनीकी विभागों और अन्य सरकारी संस्थानों में समय-समय पर अलग-अलग पदों के लिए भर्ती निकलती है। लेकिन हर भर्ती की योग्यता अलग होती है, इसलिए आवेदन करने से पहले संबंधित आधिकारिक भर्ती विज्ञापन जरूर देखना चाहिए।
चौथा रास्ता—आगे की पढ़ाई
ITI के बाद विद्यार्थी अपनी रुचि और करियर लक्ष्य के अनुसार आगे की तकनीकी शिक्षा का रास्ता भी चुन सकते हैं।
कुछ विद्यार्थी अपने कौशल को बढ़ाने के लिए दूसरे तकनीकी या स्किल कोर्स करते हैं, जबकि कुछ आगे डिप्लोमा या अन्य तकनीकी शिक्षा की ओर बढ़ते हैं। आगे की पढ़ाई का सही विकल्प संबंधित संस्थान के नियम और विद्यार्थी की ट्रेड/योग्यता पर निर्भर करता है।
पांचवां रास्ता—खुद का काम शुरू करना
ITI में सीखे गए व्यावहारिक कौशल का इस्तेमाल स्वरोजगार में भी किया जा सकता है।
उदाहरण के लिए इलेक्ट्रिकल, वेल्डिंग, मोटर मैकेनिक, रिपेयरिंग, मशीनरी या सर्विस से जुड़े कौशल रखने वाला व्यक्ति अनुभव और आवश्यक संसाधन जुटाकर अपना छोटा व्यवसाय शुरू कर सकता है।
हालांकि व्यवसाय शुरू करने से पहले लागत, बाजार, उपकरण, लाइसेंस और ग्राहक की जरूरतों का आकलन करना जरूरी है।
कौन-सी ITI ट्रेड चुनें?
ट्रेड चुनते समय सिर्फ यह नहीं देखना चाहिए कि कौन-सी ट्रेड सबसे ज्यादा लोकप्रिय है। विद्यार्थी को अपनी रुचि, पढ़ाई में मजबूत विषय, तकनीकी काम में रुचि और भविष्य के करियर लक्ष्य को ध्यान में रखना चाहिए।
उदाहरण के तौर पर:
- इलेक्ट्रिकल काम पसंद है तो Electrician जैसे ट्रेड देख सकते हैं।
- मशीनों में रुचि है तो Fitter या संबंधित Mechanical ट्रेड देख सकते हैं।
- वाहनों में रुचि है तो Motor Vehicle से जुड़े ट्रेड विकल्प हो सकते हैं।
- कंप्यूटर में रुचि है तो COPA जैसे IT से जुड़े ट्रेड देखे जा सकते हैं।
- नए तकनीकी क्षेत्रों में रुचि रखने वाले विद्यार्थी नए जमाने के ITI ट्रेड भी देख सकते हैं।
DGT के संस्थानों में पारंपरिक ट्रेडों के साथ नए और उभरते क्षेत्रों से जुड़े पाठ्यक्रम भी उपलब्ध हैं।
बच्चों और अभिभावकों के लिए जरूरी सलाह
ITI को केवल “जल्दी नौकरी पाने का कोर्स” मानकर ट्रेड का चुनाव नहीं करना चाहिए। सही ट्रेड का चुनाव भविष्य की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
सबसे पहले यह तय करें:
- बच्चे की रुचि किस क्षेत्र में है?
- वह तकनीकी/प्रैक्टिकल काम करना चाहता है या कंप्यूटर आधारित काम?
- ITI के बाद नौकरी करनी है या आगे पढ़ाई?
- सरकारी भर्ती की तैयारी करनी है या निजी क्षेत्र में जाना है?
- भविष्य में अपना व्यवसाय शुरू करने की इच्छा है या नहीं?
निष्कर्ष
ITI के बाद करियर का रास्ता केवल एक नहीं है। विद्यार्थी नौकरी, अप्रेंटिसशिप, आगे की तकनीकी पढ़ाई, सरकारी भर्ती की तैयारी या स्वरोजगार में से अपनी परिस्थिति और लक्ष्य के अनुसार रास्ता चुन सकता है।
इसलिए ITI में प्रवेश लेने से पहले ट्रेड की योग्यता, अवधि, पाठ्यक्रम और आगे उपलब्ध करियर विकल्पों की जानकारी जरूर लें।
