घरघोड़ा के छर्राटांगर की गंगामाई आदिवासी मछुआ सहकारी समिति ने राबो जलाशय में किया वैज्ञानिक मछली पालन; ₹11.30 लाख का शुद्ध लाभ

रायगढ़। जिले में चल रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत सरकारी योजनाओं से ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति में आ रहे बदलाव की तस्वीर सामने आई है। घरघोड़ा विकासखंड के ग्राम छर्राटांगर की गंगामाई आदिवासी मछुआ सहकारी समिति ने सामूहिक प्रयास से मछली पालन को रोजगार और आय का मजबूत जरिया बनाया है।
समिति से 113 सदस्य जुड़े हैं और सभी अनुसूचित जनजाति वर्ग से हैं। समिति ने ग्राम पंचायत छर्राटांगर स्थित राबो सिंचाई जलाशय को 10 साल के पट्टे पर लेकर मछली पालन शुरू किया है।
4 लाख मछली बीज से 110 क्विंटल उत्पादन
मत्स्य पालन विभाग के मार्गदर्शन में समिति के सदस्यों को वैज्ञानिक तरीके से मछली पालन का प्रशिक्षण दिया गया। वर्ष 2024-25 में करीब 4 लाख मछली बीज जलाशय में डाले गए।
इसका परिणाम वर्ष 2025-26 में सामने आया, जब समिति ने करीब 110 क्विंटल मछली का उत्पादन किया। मछली बिक्री से समिति को ₹15.40 लाख की आय हुई, जिसमें करीब ₹11.30 लाख का शुद्ध लाभ अर्जित किया गया।
समिति ने अपने सदस्यों को ₹10 हजार प्रति सदस्य लाभांश भी वितरित किया। इससे सदस्यों और उनके परिवारों को सीधे आर्थिक लाभ मिला।
प्रशिक्षण के साथ मिला जाल और आईसबॉक्स
मछली पालन को व्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से संचालित करने के लिए समिति के सदस्यों को प्रशिक्षण के साथ आवश्यक संसाधन भी उपलब्ध कराए गए। मत्स्याखेट के लिए जाल और मछली को सुरक्षित रखने व बिक्री तक पहुंचाने के लिए आईसबॉक्स दिया गया।
समिति के अध्यक्ष फागुराम राठिया ने बताया कि विभागीय मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और संसाधनों की मदद से सदस्यों को मछली पालन से अच्छी आय मिल रही है।
