करोड़ों की लागत से बना बिश्रामपुर ओवरब्रिज सवालों के घेरे में, ब्रिज में दरार और सड़क पर जगह-जगह गड्ढों से लोगों में नाराजगी

बिश्रामपुर। रेलवे क्रासिंग पर लगने वाले जाम और आवागमन की समस्या से निजात दिलाने के लिए करोड़ों रुपये की लागत से बनाए गए ओवरब्रिज की गुणवत्ता पर अब सवाल खड़े होने लगे हैं। एसईसीएल के क्षेत्रीय मुख्यालय के समीप रेलवे लाइन के ऊपर निर्मित ओवरब्रिज के हिस्से में दरारें दिखाई देने लगी हैं। वहीं, ब्रिज से जुड़े मार्ग पर जगह-जगह सड़क दरकने और गड्ढे होने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है।
रेलवे क्रासिंग के जाम से राहत के लिए बनाया गया था ओवरब्रिज
बिश्रामपुर क्षेत्र में रेलवे क्रासिंग के कारण लंबे समय से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता रहा है। ट्रेन के गुजरने के दौरान रेलवे क्रासिंग बंद होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग जाती थी। इससे रोजाना आने-जाने वाले लोगों को काफी समय तक जाम में फंसे रहना पड़ता था।
इसी समस्या के स्थायी समाधान के लिए रेल प्रशासन द्वारा करोड़ों रुपये की लागत से ओवरब्रिज का निर्माण कराया गया। लोगों को उम्मीद थी कि ओवरब्रिज शुरू होने के बाद रेलवे क्रासिंग पर लगने वाले जाम से राहत मिलेगी और आवागमन सुगम होगा।
निर्माण के कुछ समय बाद ही दिखाई देने लगी दरार
ओवरब्रिज कुछ समय पहले ही बनकर तैयार हुआ है। लेकिन निर्माण के बाद ही इसके रेल लाइन वाले हिस्से में दरार दिखाई देने लगी है। इसके अलावा ओवरब्रिज से जुड़े मार्ग पर भी कई जगह सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है।
कई स्थानों पर सड़क की सतह उखड़ने लगी है और गड्ढे बन गए हैं। बारिश के दौरान इन गड्ढों में पानी भरने से स्थिति और खराब होने की आशंका जताई जा रही है। इससे वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा भी बढ़ सकता है।
निर्माण के दौरान भी उठते रहे थे सवाल
स्थानीय लोगों के मुताबिक, ओवरब्रिज के निर्माण के दौरान भी इसकी निर्माण प्रक्रिया और काम की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए गए थे। हालांकि, ओवरब्रिज के तैयार होने के बाद लोगों को उम्मीद थी कि उन्हें बेहतर और सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी।
लेकिन निर्माण के कुछ समय बाद ही ब्रिज के हिस्से में दरार और सड़क के क्षतिग्रस्त होने से निर्माण एजेंसी और संबंधित विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
स्थानीय लोगों ने की तकनीकी जांच की मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से तैयार किए गए इस महत्वपूर्ण ओवरब्रिज की गुणवत्ता की तकनीकी जांच कराई जानी चाहिए। उनका कहना है कि केवल सड़क के गड्ढों की ऊपरी मरम्मत करने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा।
लोगों ने रेल प्रशासन से ओवरब्रिज और उससे जुड़े मार्ग की गुणवत्ता की विस्तृत जांच कराने की मांग की है। यदि निर्माण में किसी तरह की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
बड़े हादसे से पहले सुधार की मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि ओवरब्रिज का उद्देश्य लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन उपलब्ध कराना है। ऐसे में यदि निर्माण के कुछ समय बाद ही ब्रिज में दरारें और सड़क पर गड्ढे सामने आने लगे हैं तो इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
लोगों ने मांग की है कि संबंधित विभाग मौके का निरीक्षण कर निर्माण की गुणवत्ता की जांच करे और क्षतिग्रस्त हिस्सों की स्थायी एवं गुणवत्तापूर्ण मरम्मत कराई जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे की स्थिति पैदा न हो।
23 अगस्त 2026 का आज का राशिफल पढ़ें।
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