छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य की बेटियों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा फैसला लिया है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की नवजात बेटियों के सुरक्षित भविष्य को ध्यान में रखते हुए सरकार ‘रानी दुर्गावती योजना’ शुरू करने जा रही है। इस योजना के तहत पात्र परिवारों में बेटी के जन्म पर उसके नाम से 1.5 लाख रुपये की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

Highlight
🔴जन्म लेते ही बेटी के नाम ₹1.5 लाख की आर्थिक सहायता का प्रावधान
🔴18 वर्ष की आयु पूरी होने पर मिलेगी एकमुश्त सहायता राशि
🔴आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों को मिलेगा लाभ
🔴बेटियों की शिक्षा और सुरक्षित भविष्य को मिलेगा आर्थिक संबल
🔴ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया जल्द होगी शुरू
हालांकि यह राशि जन्म के तुरंत बाद नहीं दी जाएगी। सरकार के अनुसार, यह धनराशि सुरक्षित रखी जाएगी और जब बालिका 18 वर्ष की आयु पूरी कर लेगी, तब उसे एकमुश्त प्रदान की जाएगी। इसका उद्देश्य बेटियों की उच्च शिक्षा, कौशल विकास और भविष्य की जरूरतों में आर्थिक सहयोग देना है, साथ ही समाज में बेटियों के जन्म के प्रति सकारात्मक सोच को बढ़ावा देना भी है।
फिलहाल इस योजना की घोषणा बजट में की गई है, लेकिन आवेदन प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हुई है। सरकार जल्द ही इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल और ऑफलाइन आवेदन व्यवस्था शुरू करेगी। यदि ऑफलाइन प्रक्रिया लागू होती है, तो ग्रामीण क्षेत्रों के लोग अपने नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र, जबकि शहरी क्षेत्रों के लोग महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यालय में आवेदन जमा कर सकेंगे।
सरकार जल्द ही आवेदन की तिथि, पात्रता, आवश्यक दस्तावेज और पूरी प्रक्रिया की आधिकारिक घोषणा करेगी। इसके बाद पात्र परिवार अपनी नवजात बेटियों का पंजीकरण कर इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ उठा सकेंगे।
