धरसींवा के परसतराई में टाटा मैजिक से मिली पठारीडीह निवासी मोहन निषाद की लाश, पुलिस की प्रारंभिक जांच में बड़े दामाद पर हत्या का शक

रायपुर। धरसींवा थाना क्षेत्र के परसतराई में टाटा मैजिक से चादर में लिपटी मिली लाश की पहचान पठारीडीह निवासी मोहन निषाद (44) के रूप में हुई है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में हत्या के पीछे संपत्ति के बंटवारे से जुड़ा विवाद सामने आया है। पुलिस को हत्या में मृतक के बड़े दामाद समेत चार लोगों के शामिल होने की जानकारी मिली है।
आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर रवाना की गई हैं। वहीं, मृतक के घर को सील कर वहां से जरूरी सामान और अन्य साक्ष्य जब्त किए गए हैं।
पुलिस को देखकर टाटा मैजिक छोड़कर भागे
गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात धरसींवा इलाके में पुलिस की पेट्रोलिंग टीम गश्त कर रही थी। इसी दौरान पुलिस की नजर एक टाटा मैजिक वाहन पर पड़ी। पुलिस को देखकर चालक ने वाहन पीछे किया और उसे परसतराई गांव की ओर ले जाने लगा।
पुलिसकर्मियों ने वाहन रोकने का इशारा किया, लेकिन चालक ने गाड़ी नहीं रोकी। पुलिस ने पीछा किया तो कुछ दूर जाकर चालक और उसके साथी वाहन को एक गली के पास छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए खेतों की ओर भाग निकले।
पुलिस ने जब टाटा मैजिक की तलाशी ली तो अंदर सफेद चादर में लिपटी एक व्यक्ति की लाश मिली। इसके बाद पुलिस ने शव की पहचान के साथ हत्या की जांच शुरू की।
जमीन बेचकर दामादों में बांटी थी रकम
पुलिस की जांच में सामने आया है कि मोहन निषाद घर में अकेले रहता था। कुछ महीने पहले उसने अपनी जमीन बेचकर मिली रकम अपने तीनों दामादों के बीच बांटी थी। इसके अलावा दामादों को व्यवसाय में मदद करने के लिए ऑटो और अन्य सामान भी खरीदकर देने की बात सामने आई है।
पुलिस के अनुसार, बड़े दामाद को बंटवारे में मिली रकम और संपत्ति से संतुष्टि नहीं थी। इसी बात को लेकर उसका मोहन निषाद से विवाद चल रहा था। पुलिस को आशंका है कि इसी विवाद के चलते हत्या की साजिश रची गई।
पहले घर में शराब पार्टी, फिर हत्या का आरोप
जांच में पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि वारदात से पहले बड़ा दामाद कुछ साथियों के साथ मोहन निषाद के घर पहुंचा था। वहां शराब पार्टी होने की बात सामने आई है।
पुलिस के अनुसार, शराब पीने के बाद मोहन नशे में था। इसी दौरान आरोपी ने कथित तौर पर जीआई तार से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई गई।
शव को चादर में लपेटकर टाटा मैजिक में रखा गया और परसतराई की ओर ले जाया जा रहा था। इसी दौरान पुलिस की नजर वाहन पर पड़ गई। पुलिस को देखते ही आरोपी वाहन छोड़कर फरार हो गए।
मोबाइल और तकनीकी साक्ष्यों से जांच आगे बढ़ी
पुलिस अब हत्या में शामिल सभी लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। वाहन किसने बुक कराया, हत्या की योजना कब बनाई गई और शव को कहां ले जाकर ठिकाने लगाने की तैयारी थी, इन सभी बिंदुओं पर पूछताछ और साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश देने के लिए रवाना हो चुकी हैं। मोबाइल फोन, वाहन और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपितों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद हत्या की पूरी साजिश और वारदात के घटनाक्रम की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।




