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🔴 आठवीं की फर्जी मार्कशीट के सहारे मिली थी सरकारी नौकरी
🔴 13 साल बाद जीएसटी विभाग ने दोनों कर्मचारियों को किया बर्खास्त
🔴 आरटीआई और शिकायत के बाद खुला फर्जीवाड़े का मामला
🔴 शिक्षा अधिकारियों की भूमिका पर भी उठ रहे सवाल
रायपुर। जीएसटी फर्जी मार्कशीट मामले में राज्य जीएसटी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। आरोप है कि दोनों ने आठवीं कक्षा की फर्जी अंकसूची के आधार पर वर्ष 2013 में सरकारी नौकरी हासिल की थी और करीब 13 साल तक विभाग में कार्यरत रहे।

जानकारी के अनुसार, जीएसटी आयुक्त पुष्पेंद्र मीणा ने किशोर पटेल और भागवत पटेल को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त करने के आदेश जारी किए हैं। दोनों की नियुक्ति भृत्य पद पर हुई थी और बाद में उनकी पदोन्नति सहायक ग्रेड-3 के पद पर भी कर दी गई थी।
शिकायत के अनुसार, दोनों ने भर्ती के दौरान आठवीं कक्षा में 96 प्रतिशत से अधिक अंक दर्शाने वाली अंकसूचियां जमा की थीं। बाद में संबंधित विद्यालय के रिकॉर्ड और परीक्षा परिणाम की जांच में इन दस्तावेजों पर सवाल उठे। आरटीआई से प्राप्त जानकारी में यह भी सामने आया कि अनुपस्थित परीक्षार्थियों के रोल नंबर का उपयोग कर कथित तौर पर फर्जी अंकसूचियां तैयार की गई थीं।
मामला विधानसभा तक पहुंचने के बाद जांच तेज हुई और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद दोनों कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। हालांकि, जिन शिक्षा अधिकारियों पर फर्जी दस्तावेजों के सत्यापन और कथित संरक्षण के आरोप हैं, उनके खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। ऐसे में पूरे मामले में आगे की कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।
