आखिर किन शिक्षकों को मिला बड़ा सम्मान? नारायणपुर में शिक्षक दिवस पर सजा गौरव का मंच
ए.जी. ऑडिटोरियम में मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण समारोह, 15 सेवानिवृत्त शिक्षक सम्मानित; 6 को शिक्षा दूत और 3 शिक्षकों को ज्ञानदीप पुरस्कार

नारायणपुर। शिक्षक दिवस के अवसर पर नारायणपुर के ए.जी. ऑडिटोरियम में मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन के वन एवं जलवायु परिवर्तन, परिवहन, सहकारिता एवं संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
अनुशासन और संस्कारों से मिलती है सफलता
समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि अनुशासन, संस्कार, धैर्य और संकल्प के साथ शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने से सफलता हासिल की जा सकती है। उन्होंने कहा कि परिवार बच्चे की पहली पाठशाला है और माता-पिता तथा गुरुजनों का सम्मान हमारी संस्कृति का महत्वपूर्ण आधार है।
उन्होंने विद्यार्थियों से मोबाइल फोन का उपयोग पढ़ाई और ज्ञानवर्धक गतिविधियों के लिए करने तथा इसके दुरुपयोग से बचने की अपील की। इस दौरान मंत्री ने बच्चों का उत्साह बढ़ाते हुए उनके साथ सेल्फी भी ली।
15 सेवानिवृत्त शिक्षकों का सम्मान
कार्यक्रम में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए 15 सेवानिवृत्त शिक्षकों को शॉल और श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया गया। इनमें श्री सुमेर सिंह मंडावी, श्रीमती उषा किरण बैस, श्री धनसिंह बघेल सहित अन्य शिक्षक शामिल रहे।
वहीं विकासखंड स्तर पर 6 शिक्षकों को शिक्षा दूत पुरस्कार और जिला स्तर पर 3 शिक्षकों को ज्ञानदीप पुरस्कार से सम्मानित किया गया। सम्मान मिलने पर शिक्षकों में उत्साह का माहौल रहा।
अबूझमाड़ की संस्कृति पर पुस्तक का विमोचन
समारोह के दौरान लेखक शिव कुमार पाण्डेय द्वारा अबूझमाड़ की संस्कृति और लोक जीवन पर आधारित पुस्तक ‘बस्तर के लोक जीवन में वनस्पतियां’ का विमोचन भी किया गया।
पुस्तक के माध्यम से क्षेत्र की प्राकृतिक संपदा, लोक जीवन और वनस्पतियों से जुड़े सांस्कृतिक पहलुओं को सामने लाने का प्रयास किया गया है।
जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष इंद्रप्रस्थ बघेल, जनपद अध्यक्ष पिंकी उसेंडी, कलेक्टर नम्रता जैन, पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार पटेल, डीएफओ डॉ. वेंकटेशा एमजी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।
समारोह के दौरान शिक्षकों के योगदान को सम्मानित करने के साथ विद्यार्थियों को शिक्षा, अनुशासन और संस्कारों के महत्व का संदेश दिया गया।
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रायपुर में 3 शाम दिखेगा छत्तीसगढ़ का असली रंग, आखिर क्या खास है इस ‘लोकरंग पर्व’ में?
6 से 8 सितंबर तक मुक्ताकाशी मंच पर भरथरी, पंडवानी, नाचा, पंथी, करमा समेत कई लोक विधाओं की रंगारंग प्रस्तुतियां, शाम 7 बजे से शुरू होगा आयोजन

रायपुर। छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपराओं, लोकगाथाओं और पारंपरिक सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान देने के उद्देश्य से संस्कृति विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा ‘विभागीय आयोजन 2026’ के तहत तीन दिवसीय ‘लोकरंग पर्व’ का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन 6, 7 और 8 सितंबर को रायपुर के सिविल लाइंस स्थित मुक्ताकाशी मंच, महंत घासीदास संग्रहालय परिसर में होगा। कार्यक्रम प्रत्येक दिन शाम 7 बजे से शुरू होगा।
भरथरी-पंडवानी से लेकर पंथी और करमा तक
‘लोकरंग पर्व’ में छत्तीसगढ़ की अलग-अलग लोक विधाओं को एक ही मंच पर देखने का अवसर मिलेगा। तीन दिनों के दौरान भरथरी, पंडवानी, ढोलामारू, लोरिकचंदा, नाचा और गम्मत जैसी प्रसिद्ध लोक विधाओं की प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
इसके साथ ही सुआ, करमा और पंथी जैसे पारंपरिक लोकनृत्य भी प्रस्तुत किए जाएंगे। लोकगीत और पारंपरिक गायन शैलियों में बांसगीत, देवारगीत, ददरिया, जसगीत और संस्कार गायन की प्रस्तुतियां भी होंगी।
लोक कलाकारों को मिलेगा बड़ा मंच
यह आयोजन सिर्फ मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ की सदियों पुरानी लोक सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
लोकगीतों, लोकगाथाओं, नृत्य और नाट्य शैलियों के जरिए प्रदेश के ग्रामीण एवं जनजातीय जीवन, सामाजिक परंपराओं और लोक आस्थाओं की झलक दर्शकों को देखने मिलेगी। पारंपरिक लोक वाद्यों की धुन और कलाकारों की प्रस्तुतियां छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता को मंच पर जीवंत करेंगी।
तीन शाम संस्कृति के नाम
6 से 8 सितंबर तक होने वाले इस आयोजन में रायपुर के लोगों को प्रदेश की अलग-अलग लोक विधाओं का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। लोकगाथाओं की कथात्मकता, लोकगीतों की मिठास, नृत्यों की थिरकन और पारंपरिक वाद्यों की गूंज से मुक्ताकाशी मंच तीन दिनों तक छत्तीसगढ़ी संस्कृति के रंग में रंगा नजर आएगा।
संस्कृति विभाग का उद्देश्य लोककलाओं और लोक कलाकारों को प्रोत्साहित करने के साथ आम नागरिकों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना भी है। ऐसे में ‘लोकरंग पर्व’ राजधानी रायपुर में छत्तीसगढ़ की पारंपरिक कला और संस्कृति को करीब से जानने का खास अवसर देगा।
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चादर में लिपटी लाश ने खोला बड़ा राज! संपत्ति विवाद में ससुर की हत्या का आरोप, 4 की तलाश
धरसींवा के परसतराई में टाटा मैजिक से मिली पठारीडीह निवासी मोहन निषाद की लाश, पुलिस की प्रारंभिक जांच में बड़े दामाद पर हत्या का शक

रायपुर। धरसींवा थाना क्षेत्र के परसतराई में टाटा मैजिक से चादर में लिपटी मिली लाश की पहचान पठारीडीह निवासी मोहन निषाद (44) के रूप में हुई है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में हत्या के पीछे संपत्ति के बंटवारे से जुड़ा विवाद सामने आया है। पुलिस को हत्या में मृतक के बड़े दामाद समेत चार लोगों के शामिल होने की जानकारी मिली है।
आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर रवाना की गई हैं। वहीं, मृतक के घर को सील कर वहां से जरूरी सामान और अन्य साक्ष्य जब्त किए गए हैं।
पुलिस को देखकर टाटा मैजिक छोड़कर भागे
गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात धरसींवा इलाके में पुलिस की पेट्रोलिंग टीम गश्त कर रही थी। इसी दौरान पुलिस की नजर एक टाटा मैजिक वाहन पर पड़ी। पुलिस को देखकर चालक ने वाहन पीछे किया और उसे परसतराई गांव की ओर ले जाने लगा।
पुलिसकर्मियों ने वाहन रोकने का इशारा किया, लेकिन चालक ने गाड़ी नहीं रोकी। पुलिस ने पीछा किया तो कुछ दूर जाकर चालक और उसके साथी वाहन को एक गली के पास छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए खेतों की ओर भाग निकले।
पुलिस ने जब टाटा मैजिक की तलाशी ली तो अंदर सफेद चादर में लिपटी एक व्यक्ति की लाश मिली। इसके बाद पुलिस ने शव की पहचान के साथ हत्या की जांच शुरू की।
जमीन बेचकर दामादों में बांटी थी रकम
पुलिस की जांच में सामने आया है कि मोहन निषाद घर में अकेले रहता था। कुछ महीने पहले उसने अपनी जमीन बेचकर मिली रकम अपने तीनों दामादों के बीच बांटी थी। इसके अलावा दामादों को व्यवसाय में मदद करने के लिए ऑटो और अन्य सामान भी खरीदकर देने की बात सामने आई है।
पुलिस के अनुसार, बड़े दामाद को बंटवारे में मिली रकम और संपत्ति से संतुष्टि नहीं थी। इसी बात को लेकर उसका मोहन निषाद से विवाद चल रहा था। पुलिस को आशंका है कि इसी विवाद के चलते हत्या की साजिश रची गई।
पहले घर में शराब पार्टी, फिर हत्या का आरोप
जांच में पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि वारदात से पहले बड़ा दामाद कुछ साथियों के साथ मोहन निषाद के घर पहुंचा था। वहां शराब पार्टी होने की बात सामने आई है।
पुलिस के अनुसार, शराब पीने के बाद मोहन नशे में था। इसी दौरान आरोपी ने कथित तौर पर जीआई तार से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई गई।
शव को चादर में लपेटकर टाटा मैजिक में रखा गया और परसतराई की ओर ले जाया जा रहा था। इसी दौरान पुलिस की नजर वाहन पर पड़ गई। पुलिस को देखते ही आरोपी वाहन छोड़कर फरार हो गए।
मोबाइल और तकनीकी साक्ष्यों से जांच आगे बढ़ी
पुलिस अब हत्या में शामिल सभी लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। वाहन किसने बुक कराया, हत्या की योजना कब बनाई गई और शव को कहां ले जाकर ठिकाने लगाने की तैयारी थी, इन सभी बिंदुओं पर पूछताछ और साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश देने के लिए रवाना हो चुकी हैं। मोबाइल फोन, वाहन और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपितों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद हत्या की पूरी साजिश और वारदात के घटनाक्रम की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।
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राजनांदगांव के स्कूल में आखिर क्या हुआ? छात्रा की शिकायत पर शिक्षक गिरफ्तार, दूसरे आरोपी की तलाश
गैंदाटोला के शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल में छात्राओं से कथित गलत व्यवहार का मामला, पुलिस ने शिक्षक तिलक यदु पर POCSO और एसटी-एससी एक्ट के तहत कार्रवाई की

राजनांदगांव। गैंदाटोला स्थित शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल में छात्राओं के साथ कथित छेड़खानी और गलत व्यवहार के मामले में पुलिस ने शिक्षक तिलक यदु को गिरफ्तार किया है। छात्रा की शिकायत के आधार पर पुलिस ने उसके खिलाफ POCSO एक्ट और एसटी-एससी एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया है। मामले में रमीज कुरैशी को भी सह-आरोपित बनाया गया है, जिसकी तलाश पुलिस कर रही है।
चार दिन तक चलता रहा समझौते का प्रयास
पुलिस के मुताबिक, एक आदिवासी छात्रा की शिकायत सामने आने के बाद मामले को लेकर करीब चार दिनों तक समझौता कराने और मान-मनौव्वल का प्रयास चलता रहा। आरोप है कि शिक्षक की ओर से माफी मांगकर भविष्य में दोबारा ऐसी हरकत नहीं करने का भरोसा दिलाया गया।
हालांकि, छात्रा कार्रवाई की मांग पर अड़ी रही। इसके बाद शुक्रवार देर रात पुलिस ने मामले में FIR दर्ज कर जांच शुरू की।
परीक्षा में पास कराने का झांसा देने का आरोप
दर्ज शिकायत के अनुसार, आरोपित शिक्षक लंबे समय से इसी स्कूल में पदस्थ है और हिंदी तथा सामाजिक विज्ञान पढ़ाता है। पुलिस के मुताबिक, छात्रा जब करीब तीन साल पहले कक्षा नौवीं में पढ़ती थी, तब भी उसे रमीज कुरैशी के माध्यम से परीक्षा में पास कराने के नाम पर संबंध बनाने का संदेश भेजे जाने का आरोप है।
इंटरनेट मीडिया के जरिए भी इस तरह के संदेश भेजे जाने की बात शिकायत में सामने आई है। पुलिस अब मामले से जुड़े साक्ष्यों और आरोपों की जांच कर रही है।
छात्राओं के परेशान होने की बात आई सामने
मामले की जानकारी क्षेत्र की महिलाओं तक पहुंचने के बाद उन्होंने छात्राओं के पक्ष में पुलिस से शिकायत करने का निर्णय लिया। एक सितंबर को गैंदाटोला थाने में शिक्षक के खिलाफ लिखित शिकायत दिए जाने की बात सामने आई है।
शिकायत के बाद मामले को लेकर पुलिस स्तर पर जांच आगे बढ़ी और शुक्रवार को छात्रा को जिला मुख्यालय लाकर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी गई।
शिकायत वापस लेने का दबाव बनाने का आरोप
शिकायत की जानकारी आरोपित शिक्षक तक पहुंचने के बाद छात्रा और उसे थाने लेकर जाने वाली महिलाओं पर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाने का आरोप भी लगाया गया है।
महिलाओं ने जिला मुख्यालय पहुंचकर एएसपी कीर्तन राठौर को मामले की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने अपराध दर्ज कर मुख्य आरोपित शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया।
मामले में सह-आरोपित बनाया गया रमीज कुरैशी गैंदाटोला के पूर्व सरपंच खलील अहमद कुरैशी का बेटा बताया गया है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है।
शिक्षक गिरफ्तार, दूसरे आरोपी की तलाश
पुलिस ने छात्रा की शिकायत के आधार पर शिक्षक तिलक यदु और उसके सहयोगी के खिलाफ संबंधित धाराओं में अपराध दर्ज किया है। मुख्य आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि सह-आरोपित की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम संभावित ठिकानों पर तलाश कर रही है।
पुलिस का कहना है कि मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
