सारंगढ़ के इंडियन स्पाइस रेस्टोरेंट की वेज बिरयानी में मिला कीड़ा, खाने की गुणवत्ता पर उठे सवाल
इंडियन स्पाइस रेस्टोरेंट में युवक ने किया था वेज बिरयानी का ऑर्डर; वीडियो सामने आने के बाद साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

सारंगढ़। सारंगढ़ में एक रेस्टोरेंट में परोसी गई वेज बिरयानी में कीड़ा मिलने का मामला सामने आया है। घटना के बाद रेस्टोरेंट में परोसे जाने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और साफ-सफाई को लेकर सवाल उठने लगे हैं। मामले से जुड़ा वीडियो भी सामने आया है, जिसमें बिरयानी के अंदर कीड़ा दिखाई दे रहा है।
वेज बिरयानी में दिखाई दिया कीड़ा
जानकारी के मुताबिक, सारंगढ़ स्थित इंडियन स्पाइस रेस्टोरेंट में एक युवक ने वेज बिरयानी ऑर्डर की थी। खाना परोसे जाने के बाद युवक ने जब बिरयानी खाना शुरू किया, तो उसकी नजर उसमें मौजूद एक कीड़े पर पड़ी।
इसके बाद बिरयानी में कीड़ा होने का वीडियो बनाया गया। वीडियो में खाने के अंदर कीड़ा दिखाई दे रहा है। वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया है।
खाने की गुणवत्ता और साफ-सफाई पर सवाल
घटना के बाद रेस्टोरेंट में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और साफ-सफाई को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्राहकों को परोसे जाने वाले भोजन की स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन कितना किया जा रहा है, इसे लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है।
खास तौर पर सवाल यह उठ रहा है कि यदि किसी खाद्य पदार्थ में दूषित या हानिकारक चीज मौजूद हो और उसके सेवन से ग्राहक की तबीयत खराब हो जाए, तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी।
रेस्टोरेंट प्रबंधन की सफाई सामने नहीं आई
फिलहाल इस मामले में रेस्टोरेंट प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक सफाई सामने आने की जानकारी नहीं है। वहीं, संबंधित खाद्य विभाग की ओर से इस मामले में जांच या कार्रवाई की गई है या नहीं, इसकी जानकारी भी फिलहाल सामने नहीं आई है।
अब लोगों की नजर इस बात पर है कि खाद्य सुरक्षा विभाग मामले का संज्ञान लेकर रेस्टोरेंट में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता व्यवस्था की जांच करता है या नहीं।
वीडियो सामने आने के बाद कार्रवाई का इंतजार
वेज बिरयानी में कीड़ा मिलने की घटना का वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर मामला चर्चा में है। यदि शिकायत दर्ज होती है, तो संबंधित विभाग द्वारा खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत जांच की जा सकती है। फिलहाल मामले में आगे की कार्रवाई का इंतजार है।
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बलरामपुर में हाई रिस्क गर्भवती महिला ने दिया तीन बच्चों को जन्म, मां और तीनों नवजात स्वस्थ
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बलरामपुर में हाई रिस्क गर्भवती महिला ने दिया तीन बच्चों को जन्म, मां और तीनों नवजात स्वस्थ
स्वास्थ्य विभाग, मितानिन और 102 एंबुलेंस टीम के त्वरित समन्वय से दूरस्थ क्षेत्र की गर्भवती महिला को समय पर मिली चिकित्सा सुविधा

बलरामपुर। जिले के दूरस्थ और आदिवासी बहुल क्षेत्रों में जरूरतमंद मरीजों तक समय पर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। राजपुर विकासखंड की अति-जोखिम वाली गर्भवती पहाड़ी कोरवा महिला श्रीमती बसंती ने तीन स्वस्थ बच्चों को जन्म दिया है। वर्तमान में मां और तीनों नवजात पूरी तरह स्वस्थ हैं और चिकित्सकों की निगरानी में हैं।
जिला अस्पताल से बिना उपचार लौट आई थीं महिला
जानकारी के अनुसार, श्रीमती बसंती किसी कारणवश जिला अस्पताल अंबिकापुर से बिना उपचार कराए अपने गांव वापस लौट आई थीं। इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग को मिलते ही मैदानी अमला सक्रिय हो गया। महिला की स्थिति को देखते हुए उसे तत्काल आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए तैयारियां शुरू की गईं।
स्वास्थ्य विभाग और 102 एंबुलेंस टीम ने संभाला मोर्चा
महिला को समय पर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने में स्वास्थ्य विभाग के मैदानी कर्मचारियों, मितानिन, 102 एंबुलेंस टीम और अस्पताल के चिकित्सकों के बीच बेहतर समन्वय रहा। सभी के त्वरित प्रयासों के बाद महिला को आवश्यक चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराई गई।
इसके बाद श्रीमती बसंती ने तीन स्वस्थ बच्चों को जन्म दिया। प्रसव के बाद मां और तीनों नवजात शिशुओं की स्थिति सामान्य बताई गई है। चिकित्सकों की टीम उनकी लगातार निगरानी कर रही है।
हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की निगरानी जरूरी
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विजय कुमार सिंह ने बताया कि अति-जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान, नियमित निगरानी और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल रेफरल बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों में रहने वाली प्रत्येक गर्भवती महिला तक सुरक्षित मातृत्व की सुविधा पहुंचाना स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता है।
उन्होंने इस मामले में स्वास्थ्य विभाग के मैदानी अमले, मितानिन, 102 एंबुलेंस टीम और चिकित्सकों के बीच हुए बेहतर समन्वय की सराहना की।
दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर
इस घटना से एक बार फिर यह सामने आया है कि समय पर पहचान और त्वरित चिकित्सा हस्तक्षेप से हाई रिस्क गर्भावस्था में भी सुरक्षित प्रसव संभव है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से दूरस्थ एवं आदिवासी बहुल क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं की नियमित निगरानी और जरूरत पड़ने पर तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
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छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट को मिला नया मुख्य न्यायाधीश, न्यायाधिपति कृष्न राम महापात्र ने ली शपथ
राज्यपाल रमेन डेका ने लोकभवन में दिलाई शपथ; न्यायाधिपति कृष्न राम महापात्र छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के 16वें मुख्य न्यायाधीश बने

रायपुर, 7 सितम्बर 2026। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय को नया मुख्य न्यायाधीश मिल गया है। राज्यपाल रमेन डेका ने आज लोकभवन स्थित छत्तीसगढ़ मंडपम् में न्यायाधिपति कृष्न राम महापात्र (Krushna Ram Mohapatra) को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ दिलाई।
शपथ ग्रहण समारोह के दौरान राज्यपाल ने मुख्य न्यायाधीश कृष्न राम महापात्र को राष्ट्रपति द्वारा जारी मूल वारंट की प्रति भी सौंपी। शपथ लेने के बाद राज्यपाल ने उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
उड़ीसा हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश रहे हैं महापात्र
मुख्य न्यायाधीश कृष्न राम महापात्र इससे पहले उड़ीसा हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश के रूप में कार्यरत थे। अब उन्हें छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की न्यायिक व्यवस्था की जिम्मेदारी मिली है। वे छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के 16वें मुख्य न्यायाधीश होंगे।
मुख्यमंत्री समेत कई जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री तोखन साहू, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व राज्यपाल रमेश बैस, राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
इसके अलावा विधायक सुनील सोनी और अनुज शर्मा समेत अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी समारोह में हिस्सा लिया।
हाईकोर्ट के न्यायाधीश और वरिष्ठ अधिकारी भी रहे उपस्थित
समारोह में मुख्य न्यायाधीश कृष्न राम महापात्र की धर्मपत्नी अनिता महापात्र सहित छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के न्यायाधीशगण उपस्थित रहे। प्रदेश के मुख्य सचिव विकास शील ने शपथ ग्रहण समारोह का संचालन किया और राष्ट्रपति द्वारा जारी वारंट का वाचन किया।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, प्रमुख सचिव गृह विभाग निहारिका बारिक, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, महाधिवक्ता विवेक शर्मा, हाईकोर्ट बिलासपुर के रजिस्ट्रार जनरल रजनीश श्रीवास्तव सहित शासन के वरिष्ठ अधिकारी और हाईकोर्ट के अधिवक्तागण भी मौजूद रहे।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के 16वें मुख्य न्यायाधीश
न्यायाधिपति कृष्न राम महापात्र के शपथ लेने के साथ ही उन्होंने छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के 16वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में पदभार संभाला है। उनके कार्यकाल में हाईकोर्ट से जुड़े न्यायिक कार्यों और प्रशासनिक जिम्मेदारियों का संचालन होगा।
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रायगढ़ में खेतों तक पहुंचा प्रशासन, अपर कलेक्टर ने किया डिजिटल क्रॉप सर्वे का निरीक्षण
बेलादुला, बड़े रामपुर और बांजीनपाली में खेतों का मौके पर किया सत्यापन; कलेक्टर ने शत-प्रतिशत और त्रुटिरहित ई-गिरदावरी सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

रायगढ़। जिले में शत-प्रतिशत और त्रुटिरहित ई-गिरदावरी सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन द्वारा मैदानी स्तर पर डिजिटल क्रॉप सर्वे की लगातार निगरानी की जा रही है। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सर्वेयर मौके पर जाकर फसल की वास्तविक स्थिति का सत्यापन करें और निर्धारित प्रक्रिया एवं मानकों के अनुसार ही जानकारी दर्ज करें।
कलेक्टर ने सर्वे कार्य में किसी भी तरह की गलती या विसंगति की गुंजाइश नहीं रखने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए सर्वेयरों के कार्यों की नियमित समीक्षा, समीक्षा बैठक और आकस्मिक निरीक्षण के माध्यम से डिजिटल क्रॉप सर्वे का भौतिक सत्यापन करने को कहा गया है।
अपर कलेक्टर ने खेतों में पहुंचकर देखा सर्वे कार्य
कलेक्टर के निर्देशों के अनुपालन में अपर कलेक्टर डॉ. प्रियंका वर्मा ने रायगढ़ तहसील के ग्राम बेलादुला, बड़े रामपुर और बांजीनपाली पहुंचकर डिजिटल क्रॉप सर्वे का निरीक्षण किया।
उन्होंने किसानों के खेतों में पहुंचकर मौके पर चल रहे सर्वे कार्य का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों और सर्वेयरों से सर्वे की प्रगति, कार्यप्रणाली और मौके पर दर्ज की जा रही फसल संबंधी जानकारी के बारे में जानकारी ली।
अपर कलेक्टर ने निर्देश दिए कि खेत की वास्तविक स्थिति के आधार पर ही फसल का विवरण दर्ज किया जाए। उन्होंने सर्वे के दौरान पूरी सावधानी और पारदर्शिता बरतने पर जोर दिया।
तालाब, मेड़ और खलिहान भी किए जा रहे चिन्हित
डिजिटल क्रॉप सर्वे के दौरान सर्वेयर मोबाइल एप के माध्यम से खेतों तक पहुंचकर मौके की वास्तविक स्थिति के आधार पर फसल संबंधी जानकारी दर्ज कर रहे हैं। सर्वे में विभिन्न फसलों के साथ-साथ तालाब, मेड़, पड़ती और खलिहान जैसी भूमि की स्थिति को भी चिन्हित किया जा रहा है।
इस प्रक्रिया के माध्यम से वास्तविक फसल रकबे का निर्धारण किया जा रहा है, जिससे ई-गिरदावरी के आंकड़ों को अधिक सटीक बनाया जा सके।
20 सितंबर तक चलेगा डिजिटल क्रॉप सर्वे
रायगढ़ जिले में डिजिटल क्रॉप सर्वे का कार्य 17 अगस्त से 20 सितंबर 2026 तक किया जा रहा है। प्रशासन द्वारा मैदानी स्तर पर अधिकारियों के निरीक्षण के जरिए सर्वे कार्य की गुणवत्ता और शुद्धता की निगरानी की जा रही है।
कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि सर्वे के दौरान किसी भी प्रकार की त्रुटि या विसंगति सामने आने पर तत्काल संबंधित अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं उच्च अधिकारियों को इसकी जानकारी दी जाए। उन्होंने शासन द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही पूरी प्रक्रिया संपन्न कराने के निर्देश दिए हैं।
निरीक्षण के दौरान तहसीलदार रायगढ़ शिव डनसेना सहित संबंधित राजस्व अमला मौजूद रहा।
