मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से शनिवार को पद्मश्री डॉ. बुधरी ताती ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने जनजातीय समाज के उत्थान, लोक संस्कृति के संरक्षण और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान की सराहना की।

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🔴मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मिलीं पद्मश्री डॉ. बुधरी ताती
🔴जनजातीय समाज और महिला सशक्तिकरण में योगदान की सराहना
🔴राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया है पद्मश्री से सम्मानित
🔴चार दशक से शिक्षा, स्वास्थ्य और संस्कृति संरक्षण में सक्रिय
🔴बस्तर की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में निभाई अहम भूमिका
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डॉ. बुधरी ताती ने अपना संपूर्ण जीवन जनजातीय समाज की सेवा, लोक परंपराओं के संरक्षण और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए समर्पित किया है। उनका सेवा भाव, समर्पण और सामाजिक योगदान पूरे समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दंतेवाड़ा जिले के एक छोटे से गांव से निकलकर डॉ. बुधरी ताती ने चार दशक से अधिक समय तक बस्तर अंचल सहित वनवासी क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और जनजातीय संस्कृति के संरक्षण के लिए लगातार कार्य किया है। उन्होंने सैकड़ों महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर उन्हें सम्मानजनक आजीविका से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
गौरतलब है कि हाल ही में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने डॉ. बुधरी ताती को उनके उत्कृष्ट सामाजिक कार्यों के लिए पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया है। बस्तर क्षेत्र में महिलाओं के सशक्तिकरण और समाज सेवा के क्षेत्र में उनका योगदान व्यापक रूप से सराहा जाता है।
मुलाकात के दौरान डॉ. बुधरी ताती ने भी जनजातीय समाज के विकास और सांस्कृतिक संरक्षण के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर उनके परिजन भी मौजूद रहे।
