बरमकेला सहकारी बैंक में सामने आए 8 करोड़ 13 लाख रुपये के महाघोटाले की जांच अब आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो यानी EOW करेगी। विभागीय सूत्रों के मुताबिक, अगले एक-दो दिनों में इस मामले में एफआईआर दर्ज की जा सकती है। माना जा रहा है कि जांच आगे बढ़ने के साथ कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।

Highlight Lines
🔴 बरमकेला सहकारी बैंक के 8.13 करोड़ घोटाले की जांच EOW को
🔴 आठ कर्मचारियों को सेवा से किया गया बर्खास्त
🔴 धान खरीदी और KCC खातों की होगी गहन जांच
🔴 बैंक खातों के मनी ट्रेल को खंगालेगी EOW
🔴 कई जिलों तक जुड़े हो सकते हैं घोटाले के तार
जानकारी के अनुसार, विशेष ऑडिट रिपोर्ट में करोड़ों रुपये के गबन की पुष्टि होने के बाद शाखा प्रबंधक, लेखाधिकारी और लिपिक समेत आठ कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। अब बैंक भी आरोपित कर्मचारियों के खिलाफ चार्जशीट तैयार करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।
जांच में यह भी सामने आया है कि मामला केवल बरमकेला शाखा तक सीमित नहीं है। इसके तार कई जिलों और सहकारी संस्थाओं तक जुड़े हो सकते हैं। धान खरीदी, धान उठाव, उपार्जन केंद्रों के वित्तीय लेन-देन, किसान क्रेडिट कार्ड यानी KCC और DMR खातों के जरिए नियमों के विपरीत करोड़ों रुपये के लेन-देन के प्रमाण मिले हैं।
ईओडब्ल्यू जांच शुरू होने के बाद बैंक खातों की ट्रांजेक्शन हिस्ट्री, दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की गहन जांच करेगी। सबसे अहम सवाल यह होगा कि गबन की रकम आखिर किन खातों में पहुंची और उसका इस्तेमाल कहां किया गया। जांच एजेंसी पूरे मनी ट्रेल को खंगालने की तैयारी में है।
सूत्रों का दावा है कि जांच आगे बढ़ने पर सहकारिता विभाग से जुड़े कुछ प्रभावशाली लोगों और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका भी सामने आ सकती है। प्रारंभिक जांच में बैंक की आंतरिक नियंत्रण प्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठे हैं। इतनी बड़ी राशि का गबन बिना प्रशासनिक लापरवाही या मिलीभगत के संभव नहीं माना जा रहा।
अब सभी की नजर ईओडब्ल्यू की कार्रवाई पर टिकी है, क्योंकि इस जांच से सहकारी बैंकिंग व्यवस्था से जुड़े कई बड़े राज खुलने की संभावना जताई जा रही है।
