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🔴 80 हजार से अधिक शिक्षकों को 2028 तक TET पास करना होगा
🔴 2001 से 2010 के बीच नियुक्त शिक्षक होंगे प्रभावित
🔴 सुप्रीम कोर्ट ने TET से छूट देने से किया इनकार
🔴 शिक्षक संगठनों ने अलग इन-सर्विस TET की मांग उठाई
रायपुर। छत्तीसगढ़ के 80 हजार से अधिक प्राथमिक और मिडिल स्कूल शिक्षकों के सामने अब शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास करने की बड़ी चुनौती है। 3 सितंबर 2001 से 23 अगस्त 2010 के बीच नियुक्त शिक्षकों को 31 अगस्त 2028 तक TET उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा। निर्धारित समय सीमा तक परीक्षा पास नहीं करने पर उनकी सेवा प्रभावित हो सकती है।

सुप्रीम कोर्ट पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि वर्ष 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों को भी TET से छूट नहीं मिलेगी। हालांकि, अदालत ने परीक्षा पास करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2027 से बढ़ाकर 31 अगस्त 2028 कर दी है। प्रदेश में कुल 80,491 शिक्षक इस दायरे में आते हैं, जिनमें बड़ी संख्या 50 वर्ष से अधिक आयु के शिक्षकों की है।
शिक्षक संगठनों का कहना है कि वर्तमान व्यवस्था व्यवहारिक नहीं है। उनका तर्क है कि TET नियमित रूप से आयोजित नहीं होती और कई बार प्रश्नों का स्तर अत्यधिक कठिन होता है। संगठनों ने इन-सर्विस शिक्षकों के लिए अलग विभागीय TET आयोजित करने तथा प्राथमिक और मिडिल स्कूल शिक्षकों के लिए अलग-अलग परीक्षा प्रणाली लागू करने की मांग की है।
प्रदेश में सबसे अधिक प्रभावित शिक्षक कोंडागांव, बलौदाबाजार, महासमुंद, सरगुजा और रायगढ़ जिलों में हैं। वहीं, मुंगेली, रायपुर, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, सुकमा और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में TET के दायरे में आने वाले शिक्षकों की संख्या सबसे कम है।
