Highlight Lines
🔴 ईडी ने सौरभ चंद्राकर के खिलाफ दूसरा गिरफ्तारी वारंट जारी किया
🔴 प्रत्यर्पण के लिए विदेश मंत्रालय के जरिए प्रक्रिया तेज
🔴 6,000 करोड़ रुपये से अधिक के अवैध सट्टा नेटवर्क का आरोप
🔴 1,700 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां पहले ही जब्त
रायपुर। महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर के खिलाफ दूसरा गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। एजेंसी ने उसे फरार घोषित करते हुए भारत लाने की प्रत्यर्पण प्रक्रिया तेज कर दी है। अधिकारियों के अनुसार आवश्यक दस्तावेज संबंधित प्रक्रिया के तहत भेजे जा चुके हैं और कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उसे भारत लाने का प्रयास किया जाएगा।

जांच एजेंसियों के अनुसार सौरभ चंद्राकर मूल रूप से छत्तीसगढ़ के भिलाई का रहने वाला है। वह अपने सहयोगी रवि उप्पल के साथ विदेश जाकर महादेव ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क से जुड़ा। ईडी का आरोप है कि इस नेटवर्क के जरिए देशभर में हजारों पैनलों के माध्यम से बड़े पैमाने पर अवैध ऑनलाइन सट्टे का कारोबार संचालित किया गया, जिसकी रकम हजारों करोड़ रुपये तक पहुंची।
जांच में यह भी सामने आया है कि वर्ष 2023 में विदेश में आयोजित सौरभ चंद्राकर की भव्य शादी पर भारी खर्च किया गया था। एजेंसी को संदेह है कि इस आयोजन में अवैध धन का इस्तेमाल हुआ। इसके अलावा जांच के दौरान फर्जी दस्तावेजों और विदेश में ठिकाने बदलने से जुड़े आरोप भी सामने आए हैं।
ईडी अब तक इस मामले में 1,700 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां जब्त या फ्रीज कर चुकी है। इनमें अचल संपत्तियां, बैंक खाते, लग्जरी वाहन और अन्य निवेश शामिल हैं। मामले की जांच जारी है और एजेंसी आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है।
