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🔴 ग्राम सभा में अवैध शराब पर प्रतिबंध का लिया गया था फैसला
🔴 समझाइश देने पहुंचे उपसरपंच प्रतिनिधि और पंचों से मारपीट
🔴 डंडे से हमला, जान से मारने की धमकी देने का आरोप
🔴 सीपत पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर शुरू की जांच
बिलासपुर। सीपत थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत उडांगी में अवैध शराब के खिलाफ ग्राम सभा का फैसला लागू कराना जनप्रतिनिधियों को भारी पड़ गया। शराबबंदी को लेकर ग्रामीणों को समझाइश देने पहुंचे उपसरपंच प्रतिनिधि और पंचों पर कथित शराब कारोबारियों ने हमला कर दिया। घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

ग्राम सभा में लिया गया था शराबबंदी का फैसला
जानकारी के अनुसार, ग्राम उडांगी में 8 जुलाई को सरपंच, पंचों और महिला स्व-सहायता समूह की मौजूदगी में ग्राम सभा आयोजित हुई थी। बैठक में गांव में अवैध शराब बनाने और बेचने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया। इसके बाद कोटवार के माध्यम से पूरे गांव में मुनादी कर लोगों को शराब निर्माण और बिक्री नहीं करने की चेतावनी दी गई थी।
समझाइश के दौरान हुआ विवाद
9 जुलाई की रात उपसरपंच प्रतिनिधि अशोक मरावी अपने साथ पंच विजय पाल, रामकृष्ण यादव और संतोष कुमार गोंड के साथ ग्रामीणों को ग्राम सभा के फैसले की जानकारी दे रहे थे। इसी दौरान कुछ लोग मोटरसाइकिल से वहां पहुंचे। उनके पास कथित तौर पर कच्ची महुआ शराब थी। जब उन्हें शराब बिक्री बंद करने की समझाइश दी गई तो विवाद शुरू हो गया।
डंडे से हमला, जान से मारने की धमकी
शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी और डंडे व हाथ-मुक्कों से हमला कर दिया। हमले में अशोक मरावी और बीच-बचाव करने पहुंचे पंच विजय पाल के साथ भी मारपीट की गई। मौके पर मौजूद अन्य पंचों ने हस्तक्षेप कर विवाद शांत कराया।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
घटना के बाद पीड़ितों ने सीपत थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गांव में शराबबंदी के फैसले के बाद हुई इस घटना से ग्रामीणों में नाराजगी का माहौल है।
