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🔴 महिला स्व-सहायता समूहों को निःशुल्क 30 यूनिट चूजों का वितरण
🔴 कुक्कुट पालन से ग्रामीण महिलाओं को मिलेगा स्वरोजगार
🔴 वैज्ञानिक तरीके से मुर्गी पालन का दिया गया प्रशिक्षण
🔴 पशुधन विकास विभाग की पहल से मजबूत होगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था
सुकमा। ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में पशुधन विकास विभाग ने सुकमा जिले में बैकयार्ड कुक्कुट पालन योजना के तहत महिला स्व-सहायता समूहों को निःशुल्क चूजों का वितरण किया। कलेक्टर अमित कुमार के निर्देशन में संचालित इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को घर बैठे स्वरोजगार उपलब्ध कराना और उनकी आय में वृद्धि करना है।

तीन गांवों की महिलाओं को मिला लाभ
छिंदगढ़ विकासखंड के कुकानार, केरातोंग और पालेम गांवों में महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्यों को 30 यूनिट चूजों का निःशुल्क वितरण किया गया। योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को कुक्कुट पालन से जोड़कर स्थायी आजीविका विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।
वैज्ञानिक तरीके से पालन की दी गई जानकारी
चूजा वितरण कार्यक्रम के दौरान विभागीय अधिकारियों ने महिलाओं को चूजों के वैज्ञानिक पालन-पोषण, संतुलित आहार, समय पर टीकाकरण और बेहतर प्रबंधन की जानकारी दी। अधिकारियों ने महिलाओं को आधुनिक तकनीकों को अपनाकर अधिक उत्पादन और बेहतर आय प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल
पशुधन विकास विभाग का मानना है कि बैकयार्ड कुक्कुट पालन ग्रामीण महिलाओं के लिए अतिरिक्त आय का प्रभावी माध्यम बनेगा। इससे न केवल महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण होगा, बल्कि सुकमा के दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
