सुकमा के मेटागुड़ा गांव में कलेक्टर अमित कुमार और जिला पंचायत CEO मुकुंद ठाकुर ने ग्रामीणों से किया सीधा संवाद, स्कूल-आंगनबाड़ी भवन समेत कई मांगों पर मौके से कार्रवाई

सुकमा। ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान उनके गांव में ही सुनिश्चित करने की दिशा में सुकमा जिला प्रशासन ने संवेदनशील पहल की है। कलेक्टर अमित कुमार और जिला पंचायत CEO मुकुंद ठाकुर समेत प्रशासनिक अमला किस्टाराम से करीब 20 किलोमीटर दूर पालाचलमा पंचायत के मेटागुड़ा गांव पहुंचा और ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं।
दरअसल, मेटागुड़ा गांव के ग्रामीण दो दिन पहले स्कूल, आंगनबाड़ी भवन सहित विभिन्न मांगों को लेकर ट्रैक्टर से जिला मुख्यालय सुकमा पहुंचे थे। ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से लेने के बाद कलेक्टर और जिला पंचायत CEO ने खुद गांव पहुंचकर जमीनी स्थिति का जायजा लिया।
बाइक से गांव पहुंचे कलेक्टर और अधिकारी
मेटागुड़ा पहुंचने के लिए कलेक्टर अमित कुमार और जिला पंचायत CEO मुकुंद ठाकुर ने बाइक का सहारा लिया। गांव पहुंचने के बाद अधिकारियों ने ग्रामीणों के साथ सीधे संवाद किया और उनकी समस्याओं तथा आवश्यकताओं की जानकारी ली।
इस दौरान प्रशासन ने कई मांगों पर तत्काल कार्रवाई भी शुरू की।
पेड़ की छांव में लगी चौपाल, जमीन पर बैठकर सुनी बात
गांव में अधिकारियों ने किसी औपचारिक कार्यालय या मंच के बजाय पेड़ की छांव में ग्रामीणों के साथ चौपाल लगाई। कलेक्टर अमित कुमार ने जमीन पर बैठकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और एक-एक करके उनकी मांगों की जानकारी ली।
मेटागुड़ा में आंगनबाड़ी भवन और आमापेंटा में प्राथमिक शाला भवन के निर्माण के लिए तत्काल स्वीकृति आदेश जारी किए गए। इससे लंबे समय से इन सुविधाओं की जरूरत महसूस कर रहे ग्रामीणों को राहत मिलने की उम्मीद है।
सिंचाई के साथ रोजगार का भी रास्ता खुलेगा
ग्रामीणों की सिंचाई से जुड़ी मांगों को भी प्राथमिकता दी गई। मेटागुड़ा में नहर विकास कार्य के साथ वीबी-जी रामजी के अंतर्गत तालाब निर्माण की स्वीकृति दी गई है।
इन विकास कार्यों से जहां ग्रामीणों को सिंचाई की सुविधा मिलने की उम्मीद है, वहीं निर्माण कार्यों के दौरान स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे।
दो महीने में बिजली पहुंचाने का आश्वासन
मेटागुड़ा गांव में बिजली सुविधा को लेकर भी अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया। प्रशासन की ओर से करीब दो माह में विद्युत सुविधा पहुंचाने की बात कही गई है।
वहीं गांव तक सड़क निर्माण की मांग को लेकर DPR तैयार कर राज्य सरकार को भेजी जा चुकी है। इससे बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ गई है।
सोमवार को गांव में लगेगा विशेष शिविर

ग्रामीणों को जरूरी दस्तावेज और शासकीय योजनाओं से जोड़ने के लिए सोमवार को मेटागुड़ा में विशेष शिविर लगाया जाएगा।
इस शिविर में वोटर आईडी, आधार कार्ड, राशन कार्ड, श्रम कार्ड और आयुष्मान कार्ड से संबंधित कार्य किए जाएंगे। इससे ग्रामीणों को दस्तावेज बनवाने और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए जिला मुख्यालय के चक्कर लगाने की जरूरत कम होगी।
गांव पहुंचकर समस्याएं सुनने से बढ़ी उम्मीद
मेटागुड़ा में प्रशासनिक अधिकारियों के सीधे पहुंचने से ग्रामीणों की समस्याओं को मौके पर समझने और उनके समाधान की प्रक्रिया को गति मिली है। ग्रामीणों ने प्रशासन की इस पहल पर संतोष जताते हुए गांव तक पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनने और तत्काल कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया।





