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🔴 बोंदानार में पारंपरिक विधि-विधान से हुआ धर्म वापसी कार्यक्रम
🔴 कई लोगों ने अपने मूल धर्म और आदिवासी परंपराओं को पुनः अपनाया
🔴 समाज के वरिष्ठजनों ने संस्कृति संरक्षण पर दिया जोर
🔴 सामाजिक एकता और पारंपरिक मूल्यों को मजबूत करने का लिया संकल्प
कांकेर। जिले के अंतागढ़ विकासखंड के ग्राम बोंदानार में रविवार को पारंपरिक आदिवासी संस्कृति एवं धार्मिक परंपराओं से जुड़ा धर्म वापसी कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पूर्व में ईसाई धर्म स्वीकार कर चुके कई लोगों ने सामाजिक रीति-रिवाजों और पारंपरिक धार्मिक विधि-विधान के साथ अपने मूल धर्म में वापसी की।

ग्रामीणों की रही बड़ी भागीदारी
धर्म वापसी कार्यक्रम ग्राम के वरिष्ठजनों और सामाजिक प्रतिनिधियों की उपस्थिति में संपन्न हुआ। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे और पूरे आयोजन में उत्साह का माहौल देखने को मिला।
संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण पर जोर
कार्यक्रम में समाज के वरिष्ठजनों ने कहा कि आदिवासी समाज की पहचान उसकी संस्कृति, परंपराओं, रीति-रिवाजों और पूर्वजों की मान्यताओं से जुड़ी हुई है। इन सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है तथा इन्हें आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित पहुंचाना आवश्यक है।
सामाजिक एकता का लिया संकल्प
धार्मिक अनुष्ठानों के बाद मूल धर्म में लौटने वाले लोगों का समाज की ओर से स्वागत किया गया। इस अवसर पर उपस्थित ग्रामीणों ने सामाजिक एकता, आपसी भाईचारे और पारंपरिक मूल्यों को बनाए रखने का संकल्प लिया।
सांस्कृतिक विरासत बचाने की अपील
ग्रामीणों ने कहा कि समाज के सभी लोगों को आपसी सद्भाव और सम्मान के साथ अपनी सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए मिलकर कार्य करना चाहिए। कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। ग्रामीणों ने इसे अपनी सांस्कृतिक पहचान और पारंपरिक आस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण आयोजन बताया।
