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🔴 PM आवास योजना में ₹10 हजार रिश्वत मांगने का आरोप
🔴 ₹5 हजार देने के बाद भी लाभ नहीं मिलने का दावा
🔴 कलेक्टर को लिखित शिकायत, निष्पक्ष जांच की मांग
🔴 प्रशासनिक जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई
सारंगढ़-बिलाईगढ़। जिले के ग्राम हिर्री से प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) को लेकर गंभीर शिकायत सामने आई है। गांव की एक महिला ने कलेक्टर को लिखित आवेदन देकर आरोप लगाया है कि योजना में नाम जोड़ने के बदले ₹10,000 रिश्वत मांगी गई। महिला का दावा है कि उसने ₹5,000 दे दिए थे, लेकिन शेष राशि नहीं देने पर उसे “पक्का मकान” होने का आधार बताकर योजना से अपात्र घोषित कर दिया गया।

ग्राम सभा की सूची में नाम होने का दावा
शिकायत के अनुसार, आवास प्लस 2.0 सर्वे-2024 के दौरान उनका सर्वे किया गया था और ग्राम सभा की सूची में भी उनका नाम शामिल था। इसके बावजूद बाद में उन्हें योजना के लाभ से वंचित कर दिया गया।
महिला ने आरोप लगाया है कि सरपंच-सचिव की ओर से पैसे की मांग की गई और पूरी राशि नहीं देने पर उनका नाम सूची से हटा दिया गया।
घर-घर जांच कराने की मांग
शिकायतकर्ता का कहना है कि उनके पास स्वयं का पक्का मकान नहीं है और वे दूसरे के घर में रहकर जीवनयापन कर रही हैं। उन्होंने कलेक्टर से मांग की है कि पहले उनके घर की वास्तविक स्थिति की जांच कराई जाए और इसके बाद जिन लोगों को योजना का लाभ दिया गया है, उनके घरों की भी जांच कर पात्रता का सत्यापन किया जाए।
कलेक्टर से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
महिला ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई तथा स्वयं को प्रधानमंत्री आवास योजना की पात्र सूची में शामिल कर आवास का लाभ दिलाने की मांग की है।
फिलहाल यह आरोप शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए हैं। मामले की सत्यता प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
