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🔴 रामानुजगंज की धर्मशाला में वन विभाग की बड़ी छापेमारी
🔴 हाथी के तीन जबड़े बरामद, तीन आरोपी गिरफ्तार
🔴 झारखंड और छत्तीसगढ़ के तस्कर शामिल, न्यायिक हिरासत में भेजे गए
🔴 वन विभाग पूरे अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क की जांच में जुटा
बलरामपुर।
बलरामपुर जिले में वन विभाग ने वन्यजीव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय हाथी दांत तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। रामानुजगंज स्थित एक निजी धर्मशाला में छापेमारी कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उनके कब्जे से हाथी के तीन जबड़े बरामद किए गए हैं।

मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई
वन विभाग को सूचना मिली थी कि रामानुजगंज नगर की एक धर्मशाला के कमरा नंबर 205 में कुछ लोग हाथी दांत की अवैध खरीद-फरोख्त के उद्देश्य से ठहरे हुए हैं। सूचना मिलते ही विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर दबिश दी और तलाशी के दौरान हाथी के तीन जबड़े बरामद किए।
झारखंड और छत्तीसगढ़ के आरोपी गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संतोष कुमार विश्वकर्मा (34) निवासी पलामू (झारखंड), अजय कुमार गुप्ता (49) और संतोष कुमार रजक (50) निवासी रामानुजगंज के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपियों ने अपराध स्वीकार कर लिया।
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
वन विभाग ने आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। तीनों आरोपियों को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, रामानुजगंज की अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
तस्करी नेटवर्क की जांच जारी
वन विभाग का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और इस अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है। इससे पहले सूरजपुर जिले में भी वन विभाग ने बाघ की खाल और पैंगोलिन के शल्क के साथ तस्करों को पकड़कर बड़ी कार्रवाई की थी। अधिकारियों का मानना है कि उत्तर छत्तीसगढ़ में वन्यजीव तस्करी का संगठित नेटवर्क सक्रिय हो सकता है।
