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🔴 बिलासपुर और मुंगेली के वन क्षेत्रों में अधिकारियों ने किया निरीक्षण
🔴 हर परिवार की जांच और मलेरिया सर्विलांस के निर्देश
🔴 RDT किट और दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर
🔴 रैपिड रिस्पांस टीम को 24×7 अलर्ट मोड में रहने के निर्देश
रायपुर।
प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के बीच मलेरिया और अन्य वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने संवेदनशील वनांचल क्षेत्रों में निगरानी और नियंत्रण अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में राज्य स्तरीय अधिकारियों ने बिलासपुर जिले के कोटा विकासखंड और मुंगेली जिले के लोरमी विकासखंड के दूरस्थ वन क्षेत्रों का मैदानी निरीक्षण किया।

वन क्षेत्रों में पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने अचानकमार, कोटा और अन्य दूरस्थ वन बस्तियों का दौरा कर मलेरिया नियंत्रण गतिविधियों की जमीनी स्थिति का आकलन किया। साथ ही समयबद्ध जांच, उपचार और निगरानी व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
हर परिवार की होगी जांच
स्वास्थ्य विभाग ने जिला स्वास्थ्य अमले को सभी वन बस्तियों और वैकल्पिक आवासीय स्थलों में 100 प्रतिशत सक्रिय मलेरिया सर्विलांस संचालित करने, प्रत्येक परिवार की लाइन लिस्टिंग तैयार करने तथा संदिग्ध मरीजों की तत्काल जांच और उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
दवाओं और जांच किट की उपलब्धता पर जोर
अधिकारियों ने निर्देश दिए कि सभी क्षेत्रों में रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट (RDT) किट और मलेरिया रोधी दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। साथ ही संभावित संक्रमण वाले क्षेत्रों में नियमित फील्ड मॉनिटरिंग और विशेष निगरानी जारी रखने को कहा गया।
24 घंटे अलर्ट रहेंगी रैपिड रिस्पांस टीमें
निरीक्षण के दौरान संभागीय संयुक्त संचालक डॉ. गायत्री बांधी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी मुंगेली डॉ. शीला शाह, उप संचालक वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम डॉ. वी.आर. भगत सहित जिला मलेरिया अधिकारियों ने मैदानी व्यवस्था का जायजा लिया। अधिकारियों ने जिला और विकासखंड स्तर पर गठित रैपिड रिस्पांस टीम (RRT) को 24×7 अलर्ट मोड में रखने के निर्देश भी दिए।
