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🔴 रायपुर के एसआईआरडी में तीन दिवसीय राज्यस्तरीय कार्यशाला शुरू
🔴 जिला पंचायत सदस्यों को वीबी जीरामजी अधिनियम 2025 की दी गई जानकारी
🔴 ग्रामीण रोजगार और आजीविका मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर
🔴 पंचायतों को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
रायपुर।
विकसित भारत–रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) (वीबी जीरामजी) अधिनियम, 2025 के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से रायपुर के निमोरा स्थित ठाकुर प्यारेलाल राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान (एसआईआरडी) में राज्य के सभी निर्वाचित जिला पंचायत सदस्यों के लिए तीन दिवसीय राज्यस्तरीय कार्यशाला आयोजित की जा रही है। यह प्रशिक्षण 3 से 5 अगस्त तक चलेगा।

जनप्रतिनिधियों को दी जा रही अधिनियम की जानकारी
कार्यशाला का उद्देश्य जिला पंचायत प्रतिनिधियों को अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों, उनकी जिम्मेदारियों और प्रभावी क्रियान्वयन की प्रक्रियाओं की जानकारी देना है। इसमें जिला पंचायतों की विभिन्न स्थायी समितियों के सभापति भी शामिल हुए।
विकसित भारत के लक्ष्य पर जोर
कार्यक्रम में विकसित भारत–जीरामजी योजना के आयुक्त तारन प्रकाश सिन्हा ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि विजन 2047 के अनुरूप ग्रामीण भारत को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से वीबी जीरामजी अधिनियम 2025 लागू किया गया है, जिसमें रोजगार, आजीविका और समग्र ग्रामीण विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल हैं।

व्यवहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया
कार्यशाला के दूसरे दिन सरगुजा, रायपुर और बस्तर संभाग के जिला पंचायत सदस्यों ने प्रशिक्षण में भाग लिया। संयुक्त आयुक्त रामधन श्रीवास, एसआईआरडी के संकाय सदस्य आनंद रघुवंशी और अन्य मास्टर ट्रेनर्स ने प्रतिभागियों को अधिनियम के व्यवहारिक क्रियान्वयन और विभिन्न प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी।
ग्रामीण विकास को मिलेगी नई गति
अधिकारियों के अनुसार, इस प्रशिक्षण का उद्देश्य जिला पंचायत प्रतिनिधियों को आवश्यक ज्ञान और कौशल से सशक्त बनाना है, ताकि वे अपने क्षेत्रों में अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कर सकें। इससे ग्राम सभाओं की भूमिका मजबूत होगी और सहभागी, पारदर्शी, जवाबदेह एवं सतत ग्रामीण विकास को नई गति मिलेगी।
