दिल्ली में रेलवे बोर्ड की संभावित बैठक में प्रदेश की नई रेल लाइनों, ट्रेनों के विस्तार, इंटरसिटी-वंदे भारत और स्टेशनों पर ठहराव जैसे मुद्दों पर होगी चर्चा

रायपुर। छत्तीसगढ़ में रेल सुविधाओं के विस्तार और यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी देने को लेकर राज्य के सांसदों ने केंद्र सरकार के सामने कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे हैं। सांसदों और राज्यसभा सदस्यों की ओर से लगातार रेल मंत्री एवं रेलवे अधिकारियों के समक्ष नई ट्रेनों, नई रेल लाइनों और विभिन्न स्टेशनों पर ट्रेनों के ठहराव की मांग की जा रही है।
इसी सिलसिले में अगले सप्ताह दिल्ली में रेलवे बोर्ड की संभावित बैठक होने की जानकारी सामने आई है। बैठक में छत्तीसगढ़ से जुड़े कई रेल प्रस्तावों पर चर्चा और निर्णय होने की उम्मीद है। इसके अलावा बिलासपुर रेलवे जोनल सलाहकार समिति की आगामी बैठक के लिए भी सांसदों से सुझाव और प्रस्ताव मांगे गए हैं।
नई ट्रेनों और रेल लाइनों की मांग
रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, दुर्ग सांसद विजय बघेल, सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज, राजनांदगांव सांसद संतोष पांडेय, बस्तर सांसद महेश कश्यप, राज्यसभा सदस्य लक्ष्मी वर्मा और देवेंद्र प्रताप सिंह समेत अन्य जनप्रतिनिधि केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर चुके हैं।
सांसदों ने अपने-अपने क्षेत्रों में यात्रियों की जरूरत और लंबे समय से चली आ रही मांगों को देखते हुए रेल सुविधाओं के विस्तार का मुद्दा उठाया है।
अंबिकापुर से जुड़ी कई मांगें
सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज ने अंबिकापुर-बरवाडीह, अंबिकापुर-रेणुकुट और अंबिकापुर-पत्थलगांव नई रेल लाइन शुरू करने की मांग रखी है। इसके अलावा अंबिकापुर से रायपुर के लिए सुबह करीब 5 बजे ट्रेन चलाने का प्रस्ताव भी रखा गया है।
इन रेल परियोजनाओं को क्षेत्र के यात्रियों और व्यापारिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अंबिकापुर और आसपास के क्षेत्रों से रायपुर समेत अन्य प्रमुख शहरों तक बेहतर रेल कनेक्टिविटी की लंबे समय से मांग होती रही है।
रीवा-बिलासपुर और शहडोल-नागपुर ट्रेन के विस्तार का प्रस्ताव
सांसद विजय बघेल और बृजमोहन अग्रवाल के अनुसार बेमेतरा में रेल सुविधा, रीवा-बिलासपुर ट्रेन को दुर्ग तक बढ़ाने और शहडोल-नागपुर ट्रेन का विस्तार अंबिकापुर तक करने के प्रस्ताव पर सैद्धांतिक सहमति बनने की बात कही गई है।
यदि इन प्रस्तावों को मंजूरी मिलती है तो संबंधित क्षेत्रों के यात्रियों को लंबी दूरी की यात्रा के लिए अतिरिक्त रेल विकल्प मिल सकते हैं।
इंटरसिटी और वंदे भारत ट्रेन की भी मांग
राज्यसभा सदस्यों लक्ष्मी वर्मा, देवेंद्र प्रताप सिंह और फूलोदेवी नेताम की ओर से रायपुर-अंबिकापुर के बीच इंटरसिटी और वंदे भारत ट्रेन चलाने का प्रस्ताव रखा गया है।
इसके साथ ही लोकल ट्रेनों की संख्या बढ़ाने तथा तिल्दा और भाटापारा में लंबी दूरी की ट्रेनों के ठहराव की मांग भी सामने रखी गई है। सांसदों का कहना है कि इन स्टेशनों पर ठहराव मिलने से आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को काफी सुविधा हो सकती है।
नए स्टेशनों पर ठहराव का मुद्दा भी अहम
बस्तर और रायगढ़ क्षेत्र के सांसदों ने नए स्टेशनों पर ट्रेनों का ठहराव नहीं होने का मुद्दा भी उठाया है। उनका कहना है कि नए रेलवे स्टेशनों का निर्माण होने के बाद वहां पर्याप्त यात्री सुविधाओं के साथ ट्रेनों का ठहराव भी जरूरी है।
अब अक्टूबर में प्रस्तावित बिलासपुर रेलवे जोनल सलाहकार समिति की बैठक में इन सभी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होने की उम्मीद है। सांसदों की ओर से दिए गए प्रस्तावों और सुझावों के आधार पर रेलवे स्तर पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।




