STF ने शुरू किया सत्यापन अभियान, बिना वैध दस्तावेजों के रहने वाले संदिग्धों की जांच के लिए पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद और जंगीपुर तक पहुंची पुलिस टीम

बिलासपुर। शहर में बिना वैध दस्तावेजों के रह रहे संदिग्ध लोगों की पहचान और सत्यापन को लेकर बिलासपुर पुलिस ने विशेष अभियान शुरू किया है। पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ऐसे लोगों की जानकारी जुटा रही है, जिनके भारत में प्रवेश और यहां निवास से जुड़े दस्तावेज संदिग्ध पाए गए हैं।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, अभियान की निगरानी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा की जा रही है। सभी थाना प्रभारियों को संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान, दस्तावेजों के सत्यापन और आवश्यक कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
7 निरीक्षकों के साथ STF का गठन
उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर रजनेश सिंह के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (IUCAW) रश्मिता कौर चावला के नेतृत्व में विशेष टास्क फोर्स का गठन किया गया है। टीम में 7 निरीक्षक सहित पुलिसकर्मी शामिल हैं।
STF ने जिले के अलग-अलग इलाकों में जांच और छापामार कार्रवाई करते हुए संदिग्ध लोगों की जानकारी जुटाई। कई मामलों में मूल निवास और पहचान से जुड़े दस्तावेजों का सत्यापन जरूरी पाया गया। इन दस्तावेजों की प्रमाणिकता की जांच के लिए संबंधित जिलों की पुलिस से भी संपर्क किया जा रहा है।
पश्चिम बंगाल पहुंची पुलिस टीम
जांच को आगे बढ़ाते हुए विशेष पुलिस टीम पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद और जंगीपुर क्षेत्र में भी पहुंची। टीम ने वहां के पुलिस अधिकारियों और थाना प्रभारियों से मुलाकात कर बिलासपुर में रहने वाले संदिग्ध व्यक्तियों से संबंधित जानकारी और दस्तावेज साझा किए।
पुलिस के अनुसार, सीमावर्ती क्षेत्रों में बांग्लादेशी नागरिकों के भारत में प्रवेश और उनके ठहरने से संबंधित गतिविधियों के बारे में भी जानकारी जुटाई गई है।
23 संदिग्धों को रायपुर डिटेंशन सेंटर भेजा
प्रारंभिक जांच में सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में रहने वाले 23 संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान की गई है। पुलिस के मुताबिक, पहचान और दस्तावेजों का सत्यापन पूरा होने तक इन लोगों को रायपुर स्थित होल्डिंग/डिटेंशन सेंटर भेजा गया है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि दस्तावेजों की जांच और पहचान की प्रक्रिया के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने जारी किया टोल-फ्री नंबर
बिलासपुर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके आसपास कोई व्यक्ति बिना वैध दस्तावेजों के रह रहा है या उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगती हैं, तो पुलिस को इसकी सूचना दें।
टोल-फ्री नंबर: 1800-233-1905
पुलिस के अनुसार, सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
बिलासपुर पुलिस के अनुसार, इससे पहले भी अवैध रूप से निवासरत संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों के मामलों में कार्रवाई की जा चुकी है। पुलिस ने बताया कि तोरवा थाना क्षेत्र में एक संदिग्ध व्यक्ति की पहचान के बाद जुलाई 2025 में उसे बांग्लादेश निर्वासन की कार्रवाई के तहत भेजा गया था।
वहीं, मार्च 2025 में बांग्लादेश की एक नाबालिग बालिका के अपहरण के मामले में एक आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज कर गिरफ्तारी की गई थी। न्यायालयीन प्रक्रिया के बाद आरोपी को डिपोर्टेशन की कार्रवाई पूरी होने तक रायपुर के होल्डिंग/डिटेंशन सेंटर भेजे जाने की जानकारी पुलिस ने दी है।
पुलिस का कहना है कि संदिग्ध व्यक्तियों द्वारा बताए गए कुछ पते जांच में सही नहीं पाए गए थे। इसके बाद संबंधित मामलों में नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की गई।




