मोती बाग के पास सत्य निकेतन इलाके में दोपहर करीब 1:30 बजे हुआ हादसा, पुलिस-दमकल और आपदा प्रबंधन की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटीं

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के दक्षिण-पश्चिमी इलाके के सत्य निकेतन में रविवार को बड़ा हादसा हो गया। मोती बाग के पास शिव मंदिर के नजदीक एक बहुमंजिला इमारत अचानक भरभराकर ढह गई। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। मलबे के नीचे कई लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है।
दोपहर करीब 1:30 बजे हुआ हादसा
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इमारत गिरने की घटना दोपहर करीब 1:30 बजे हुई। इलाके में पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश हो रही है। प्रारंभिक तौर पर बारिश के कारण इमारत के ढांचे पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि हादसे की वास्तविक वजह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
इमारत के अचानक गिरने से आसपास धूल का गुबार छा गया और लोगों में दहशत फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंच गए।
दमकल और पुलिस की टीमें राहत कार्य में जुटीं
हादसे के बाद दिल्ली फायर सर्विस की कई गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें मलबा हटाकर अंदर फंसे लोगों की तलाश में जुटी हैं।
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान जेसीबी और अन्य उपकरणों की मदद से मलबा हटाया जा रहा है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, एक-दो लोगों को मलबे से बाहर निकाले जाने की बात सामने आई है, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
सत्य निकेतन में बड़ी संख्या में रहते हैं छात्र
सत्य निकेतन दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के नजदीक स्थित है और यहां बड़ी संख्या में छात्र PG और किराए के कमरों में रहते हैं। ऐसे में इमारत के मलबे में छात्रों या वहां काम करने वाले मजदूरों के फंसे होने की आशंका ने चिंता बढ़ा दी है।
स्थानीय स्तर पर यह भी जानकारी सामने आई है कि इमारत में मरम्मत या निर्माण से जुड़ा काम चल रहा था। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
हादसे के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ाई गई
पुलिस ने घटनास्थल के आसपास सुरक्षा घेरा बना दिया है। राहत एवं बचाव अभियान के दौरान लोगों को मलबे से दूर रखा जा रहा है, ताकि रेस्क्यू टीम को काम करने में परेशानी न हो।
फिलहाल प्रशासन की ओर से मृतकों या घायलों की आधिकारिक संख्या की पुष्टि नहीं की गई है। रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।



