शासकीय और निजी मेडिकल-डेंटल कॉलेजों की खाली सीटों पर होगा प्रवेश, 9 सितंबर तक च्वाइस फिलिंग और लॉकिंग; पहले चरण में प्रवेश ले चुके छात्रों को अपग्रेडेशन का मौका

रायपुर। छत्तीसगढ़ में NEET UG 2026 के तहत MBBS और BDS पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए दूसरे चरण की काउंसिलिंग प्रक्रिया शुरू हो गई है। प्रथम चरण के बाद शासकीय और निजी मेडिकल व डेंटल कॉलेजों में खाली रह गई सीटों को भरने के लिए पात्र अभ्यर्थियों से ऑनलाइन आवेदन मंगाए गए हैं।
संचालनालय चिकित्सा शिक्षा की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार अभ्यर्थी 8 सितंबर 2026 की रात 11:59 बजे तक दूसरे चरण के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। इसके बाद 9 सितंबर की रात 11:59 बजे तक कॉलेज और पाठ्यक्रम की पसंद भरकर च्वाइस लॉक करनी होगी।
8 सितंबर तक आवेदन, 9 सितंबर को च्वाइस लॉक
द्वितीय चरण के लिए नए पंजीयन और च्वाइस फिलिंग की प्रक्रिया 5 सितंबर से शुरू हुई है। अभ्यर्थियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
सीट आवंटन अभ्यर्थियों की मेरिट, भरी गई च्वाइस और उपलब्ध रिक्त सीटों के आधार पर किया जाएगा। इसलिए अभ्यर्थियों को कॉलेज और पाठ्यक्रम का विकल्प भरते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
पहले चरण में प्रवेश लेने वालों को अपग्रेडेशन का मौका
पहले चरण में सीट आवंटित होने के बाद प्रवेश ले चुके अभ्यर्थियों के लिए भी दूसरे चरण में सीट अपग्रेडेशन का विकल्प रखा गया है।
इसके लिए अभ्यर्थियों को काउंसिलिंग पोर्टल पर लॉगिन कर अपग्रेडेशन के लिए अपनी सहमति देनी होगी। इसके बाद उन्हें दोबारा कॉलेज और पाठ्यक्रम के विकल्प भरने होंगे।
सहमति देने और नए विकल्प दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी किए बिना ऐसे अभ्यर्थी दूसरे चरण की काउंसिलिंग में अपग्रेडेशन के लिए शामिल नहीं हो सकेंगे।
पहले चरण की च्वाइस फिलिंग अब मान्य नहीं
दूसरे चरण में सभी पात्र अभ्यर्थियों के लिए कॉलेज और पाठ्यक्रम का विकल्प नए सिरे से भरना अनिवार्य किया गया है।
प्रथम चरण में भरी गई च्वाइस फिलिंग अब मान्य नहीं होगी। यदि अभ्यर्थी दूसरे चरण में नए विकल्प दर्ज नहीं करता है, तो उसे इस चरण में सीट आवंटित नहीं की जाएगी।
सीट छोड़ने पर सुरक्षा राशि होगी जब्त
काउंसिलिंग में सीट मिलने के बाद यदि अभ्यर्थी प्रवेश नहीं लेता या प्रवेश लेने के बाद सीट छोड़ देता है, तो उसकी जमा सुरक्षा राशि वापस नहीं की जाएगी।
इसलिए अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि च्वाइस फिलिंग में केवल उन्हीं कॉलेजों और पाठ्यक्रमों को शामिल करें, जहां वे वास्तव में प्रवेश लेना चाहते हैं।
निजी मेडिकल कॉलेज के लिए अतिरिक्त राशि
जो अभ्यर्थी पहली बार निजी मेडिकल कॉलेज का विकल्प चुनेंगे, उन्हें निर्धारित नियमों के अनुसार अतिरिक्त राशि जमा करनी होगी। काउंसिलिंग से संबंधित आवेदन, च्वाइस फिलिंग, लॉकिंग और अन्य प्रक्रियाएं अभ्यर्थियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर स्वयं पूरी करनी होगी।
