करीब 50 साल पुरानी इमारत में चल रहा था मरम्मत का काम, बारिश के बाद बेसमेंट में पानी भरने की बात; NDRF, दमकल और पुलिस की टीमें राहत-बचाव में जुटीं

नई दिल्ली। दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास स्थित सत्या निकेतन इलाके में रविवार दोपहर बड़ा हादसा हो गया। लड़कों के हॉस्टल के रूप में इस्तेमाल की जा रही करीब 50 साल पुरानी पांच मंजिला इमारत अचानक भरभराकर ढह गई। हादसे में अब तक 3 छात्रों की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है।
हादसा दोपहर करीब 1:30 बजे हुआ। इमारत गिरते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत-बचाव शुरू किया और पुलिस तथा दमकल विभाग को सूचना दी।
मलबे से अब तक 8 लोगों को निकाला गया
राहत और बचाव अभियान के दौरान अब तक 8 लोगों को मलबे से बाहर निकाला जा चुका है। इनमें से एक को अस्पताल ले जाने के बाद मृत घोषित किया गया, जबकि एक अन्य व्यक्ति ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। कई घायलों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है।
घटना के बाद दिल्ली पुलिस, दिल्ली फायर सर्विस, NDRF और DDMA की टीमें मौके पर पहुंचीं और युद्धस्तर पर बचाव अभियान शुरू किया। स्थानीय लोग भी राहत कार्य में जुट गए और मलबा हटाने में बचाव टीमों की मदद की।
बेसमेंट में चल रहा था मरम्मत का काम
स्थानीय निवासियों के अनुसार, इस इमारत को इलाके में ‘हॉस्टल डेज’ के नाम से जाना जाता था। बताया जा रहा है कि इमारत के बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था।
पिछले कुछ दिनों से दिल्ली में हो रही बारिश के कारण बेसमेंट में पानी भरने की बात भी सामने आई है। स्थानीय लोगों के मुताबिक पानी भरने से इमारत की नींव कमजोर हुई और इसके बाद अचानक पूरी इमारत ढह गई। हालांकि, हादसे की वास्तविक वजह की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
संकरी गलियों के कारण बचाव अभियान में परेशानी
सत्या निकेतन की संकरी गलियों के कारण शुरुआत में दमकल और राहत-बचाव वाहनों को घटनास्थल तक पहुंचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद टीमें मौके पर पहुंचीं और मलबे में फंसे लोगों की तलाश शुरू की।
एम्बुलेंस और राहत वाहनों की आवाजाही सुचारू रखने के लिए इलाके में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई।
कई कॉलेजों के छात्र रहते थे इमारत में
स्थानीय लोगों के अनुसार, इमारत में करीब 15 कमरे थे। इनमें दिल्ली यूनिवर्सिटी के मोतीलाल नेहरू कॉलेज, एआरएसडी कॉलेज और वेंकटेश्वर कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र रहते थे।
रविवार होने के कारण कई छात्र अपने घर गए हुए थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इमारत में सभी छात्र मौजूद होते तो हादसा और भी बड़ा हो सकता था। हालांकि, अभी भी कई लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका के चलते बचाव अभियान जारी है।
मुख्यमंत्री समेत कई अधिकारियों ने लिया जायजा
हादसे की सूचना मिलते ही दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू, पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार और सांसद बांसुरी स्वराज ने घटनास्थल का दौरा कर राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी हादसे पर दुख जताते हुए दिल्ली सरकार और पुलिस प्रशासन से बात की तथा घायलों को हर संभव चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
इमारत मालिक के खिलाफ FIR की तैयारी
पुलिस ने इमारत के मालिक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि इमारत का मालिक गुरुग्राम का रहने वाला है। पुलिस उसकी तलाश में कई टीमों को लगा रही है।
फिलहाल हादसे की वजह, इमारत की सुरक्षा स्थिति और मरम्मत कार्य से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है। राहत टीमों का मुख्य फोकस मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने पर है।




