छत्तीसगढ़ में अब तक 251 संक्रमित, 89 एक्टिव केस; राहत की बात- जनवरी से अब तक स्वाइन फ्लू से नहीं हुई किसी मरीज की मौत

रायपुर। राजधानी रायपुर समेत छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू का संक्रमण लगातार बढ़ रहा है। रायपुर में स्वाइन फ्लू संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 108 हो गई है, जबकि प्रदेशभर में अब तक 251 मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। सोमवार को प्रदेश में 16 नए संक्रमित मरीज सामने आए, जिनमें 8 मरीज रायपुर के रहने वाले हैं।
फिलहाल प्रदेश के अलग-अलग अस्पतालों में 67 मरीजों का इलाज चल रहा है, जबकि 22 संक्रमित मरीज होम आइसोलेशन में रहकर उपचार करा रहे हैं। इस तरह प्रदेश में स्वाइन फ्लू के कुल 89 एक्टिव मरीज हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि जनवरी 2026 से अब तक स्वाइन फ्लू से किसी मरीज की मौत सामने नहीं आई है।
प्रदेश के कई जिलों में सामने आ रहे मामले
रायपुर के अलावा प्रदेश के अन्य जिलों में भी स्वाइन फ्लू के मरीज मिल रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग संक्रमित मरीजों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। सामने आए मामलों में कुछ मरीजों की ट्रेवल हिस्ट्री भी मिली है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से संक्रमित मरीजों के संपर्क में आने वाले लोगों को फ्लू जैसे लक्षणों पर नजर रखने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। विभाग का जोर संक्रमण की शुरुआती पहचान और समय पर उपचार पर है, ताकि बीमारी को आगे फैलने से रोका जा सके।
H1N1 वायरस में फिलहाल म्यूटेशन नहीं
स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार फिलहाल H1N1 वायरस के स्वरूप में किसी तरह का नया म्यूटेशन सामने नहीं आया है। डॉक्टरों का कहना है कि वायरस के स्वरूप में बदलाव होने पर संक्रमण के व्यवहार और बीमारी की गंभीरता में बदलाव की आशंका हो सकती है।
वर्तमान में पुराने स्वरूप के वायरस से ही संक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक कई मरीजों में संक्रमण के लक्षण हल्के हैं और उपचार के बाद वे स्वस्थ हो रहे हैं।
कई मरीज होम आइसोलेशन में करा रहे इलाज
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार स्वाइन फ्लू के कई मरीजों में हल्के लक्षण पाए जा रहे हैं, जिसके चलते कुछ मरीज डॉक्टरों की सलाह के अनुसार घर पर रहकर भी उपचार करा रहे हैं। हालांकि पहले से किसी बीमारी से पीड़ित लोगों में संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि फ्लू जैसे लक्षणों को सामान्य समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर जांच और चिकित्सकीय सलाह मिलने से बीमारी की गंभीरता को कम करने में मदद मिल सकती है।
सर्दी-खांसी के साथ सांस लेने में परेशानी हो तो जांच जरूरी
आंबेडकर अस्पताल के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग के एचओडी डॉ. आरके पंडा के अनुसार स्वाइन फ्लू के कई मरीजों में माइल्ड लक्षण देखने को मिल रहे हैं। हालांकि पहले से किसी बीमारी से पीड़ित मरीजों में संक्रमण गंभीर हो सकता है।
उन्होंने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को सर्दी, खांसी, गले में खराश के साथ सांस लेने में तकलीफ हो रही है तो डॉक्टर की सलाह से स्वाइन फ्लू की जांच के लिए स्वाब टेस्ट कराया जाना चाहिए। समय पर बीमारी की पहचान और उपचार मिलने से मरीज के जल्द स्वस्थ होने की संभावना बढ़ जाती है।
बुजुर्ग और पहले से बीमार लोगों को ज्यादा सावधानी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए लोगों को फ्लू जैसे लक्षण होने पर लापरवाही नहीं करनी चाहिए। भीड़भाड़ वाली जगहों पर सावधानी बरतना, बीमार होने पर दूसरों से दूरी बनाए रखना और जरूरत के अनुसार चिकित्सकीय सलाह लेना संक्रमण के प्रसार को रोकने में मदद कर सकता है।
खासकर बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से पीड़ित लोगों को सर्दी-खांसी, बुखार या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई देने पर समय पर डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
