एहिमे यूनिवर्सिटी का 17 सदस्यीय छात्र प्रतिनिधिमंडल तीन दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ पहुंचा, सिरपुर और NIT रायपुर में शैक्षणिक भ्रमण; भारत-जापान संबंधों पर मुख्यमंत्री ने किया संवाद

रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में जापान की एहिमे यूनिवर्सिटी से आए 17 सदस्यीय छात्र प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। भारत-जापान इंटर एक्सचेंज कार्यक्रम के तहत तीन दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण पर छत्तीसगढ़ पहुंचे जापानी विद्यार्थियों से मुख्यमंत्री ने आत्मीय संवाद किया।
मुलाकात के दौरान भारत-जापान के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों, बौद्ध विरासत, शिक्षा, अनुसंधान, तकनीकी नवाचार, स्टार्टअप और युवाओं के बीच बढ़ते संवाद समेत कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने जापानी विद्यार्थियों का किया आत्मीय स्वागत
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जापानी छात्र-छात्राओं का छत्तीसगढ़ की धरती पर स्वागत करते हुए कहा कि भारत और जापान की मित्रता की जड़ें दोनों देशों की प्राचीन सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत से जुड़ी हैं।
उन्होंने कहा कि समय के साथ दोनों देशों के संबंध संस्कृति और आध्यात्मिकता से आगे बढ़कर शिक्षा, विज्ञान, तकनीक, नवाचार और आर्थिक सहयोग जैसे क्षेत्रों तक पहुंचे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत और जापान परंपरा और आधुनिकता के समन्वय के साथ विश्व के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। युवाओं और विद्यार्थियों के बीच इस तरह के शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान से दोनों देशों के रिश्ते आने वाली पीढ़ियों में और मजबूत होंगे।
बौद्ध विरासत से जुड़े भारत-जापान के रिश्ते
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत भगवान बुद्ध की भूमि है और उनके शांति, करुणा, मैत्री तथा मानव कल्याण के संदेश ने दुनिया के अनेक देशों को प्रभावित किया है। जापान की संस्कृति में भी बौद्ध दर्शन की गहरी छाप देखने को मिलती है।
उन्होंने कहा कि यही साझा आध्यात्मिक विरासत भारत और जापान को एक विशेष सांस्कृतिक सूत्र में जोड़ती है।
जापानी छात्रों को सिरपुर की विरासत की जानकारी
मुख्यमंत्री ने जापानी विद्यार्थियों को छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक और पुरातात्विक विरासत की जानकारी देते हुए सिरपुर, मैनपाट और भोंगापाल जैसे महत्वपूर्ण स्थलों का उल्लेख किया।
उन्होंने बताया कि महानदी के तट पर स्थित सिरपुर छत्तीसगढ़ की प्राचीन सभ्यता, कला, स्थापत्य और बौद्ध विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां मिले पुरातात्विक अवशेष प्रदेश के गौरवशाली इतिहास और विभिन्न संस्कृतियों के समन्वय की कहानी बताते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक, पुरातात्विक और सांस्कृतिक धरोहर को देश-दुनिया में नई पहचान दिलाने के लिए लगातार काम कर रही है। सिरपुर को विश्वस्तरीय ऐतिहासिक एवं पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं।
‘दुनिया के विद्यार्थी छत्तीसगढ़ आएं और यहां की विरासत जानें’
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की कोशिश है कि दुनिया के अलग-अलग देशों से विद्यार्थी, शोधार्थी और पर्यटक छत्तीसगढ़ आएं, यहां की विरासत को समझें और प्रदेश के साथ ज्ञान तथा संस्कृति का स्थायी संबंध स्थापित करें।
उन्होंने कहा कि इस तरह के अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक कार्यक्रम छत्तीसगढ़ की संस्कृति और विरासत को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
जापान यात्रा के अनुभव भी छात्रों से साझा किए
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विद्यार्थियों के साथ अपनी जापान यात्रा के अनुभव भी साझा किए। उन्होंने जापान की अनुशासित कार्यसंस्कृति, तकनीकी प्रगति और अपनी परंपराओं के प्रति सम्मान की सराहना की।
उन्होंने कहा कि जापान ने आधुनिक विज्ञान और तकनीक में उल्लेखनीय प्रगति की है, लेकिन इसके साथ ही अपनी सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूती से सहेजकर रखा है। यह भारत के लिए भी प्रेरणादायी है।
उन्होंने कहा कि भारत भी अपनी हजारों वर्ष पुरानी सभ्यता और सांस्कृतिक मूल्यों के साथ आधुनिक तकनीक, नवाचार और ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
शिक्षा, रिसर्च और स्टार्टअप में सहयोग की संभावनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के दौर में ज्ञान, अनुसंधान, नवाचार और तकनीक विकास के महत्वपूर्ण आधार हैं। भारत और जापान के शिक्षण संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ने से विद्यार्थियों को नई तकनीकों और शोध के क्षेत्र में नए अवसर मिल सकते हैं।
उन्होंने विश्वास जताया कि एहिमे यूनिवर्सिटी और छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षण एवं तकनीकी संस्थानों के विद्यार्थियों के बीच संवाद से भविष्य में संयुक्त अनुसंधान, तकनीकी सहयोग, स्टार्टअप और इनोवेशन के नए अवसर विकसित हो सकते हैं।
छत्तीसगढ़ की संस्कृति से प्रभावित हुए जापानी विद्यार्थी
जापानी छात्र प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने भी मुख्यमंत्री के साथ छत्तीसगढ़ प्रवास के अपने अनुभव साझा किए। विद्यार्थियों ने बताया कि रायपुर में उन्हें बेहद आत्मीय अनुभव मिला।
उन्होंने छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपराओं और लोगों के सहज व्यवहार की सराहना की। विद्यार्थियों ने भारतीय खान-पान को भी पसंद किया।
जापानी विद्यार्थियों ने बताया कि उन्हें गणेश उत्सव की परंपराओं और उसके सांस्कृतिक महत्व को करीब से जानने का अवसर मिला। जापानी छात्राओं ने मेहंदी लगवाने और भारतीय परिधानों की खरीदारी के अनुभव भी साझा किए।
विद्यार्थियों ने कहा कि इस यात्रा के जरिए उन्हें भारत को केवल किताबों और कक्षाओं के माध्यम से नहीं, बल्कि यहां के समाज, संस्कृति और जीवनशैली के जरिए समझने का अवसर मिला है।
NIT रायपुर के रिसर्च और स्टार्टअप ने खींचा ध्यान
छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान जापानी छात्र प्रतिनिधिमंडल ने NIT रायपुर के विभिन्न रिसर्च सेंटरों और इन्क्यूबेशन सेंटर का भी भ्रमण किया।
विद्यार्थियों ने वहां संचालित स्टार्टअप, अनुसंधान परियोजनाओं और विकसित की जा रही नई तकनीकों के बारे में जानकारी ली। खास तौर पर आम लोगों की दैनिक समस्याओं के तकनीकी समाधान विकसित करने वाले स्टार्टअप ने जापानी विद्यार्थियों का ध्यान आकर्षित किया।
प्रतिनिधिमंडल ने टेक्नोलॉजी ट्रांसफर, रिसर्च और इनोवेशन आधारित सहयोग की संभावनाओं में भी रुचि दिखाई।
सिरपुर का भी भ्रमण करेगा प्रतिनिधिमंडल
भारत-जापान इंटर एक्सचेंज कार्यक्रम के तहत एहिमे यूनिवर्सिटी का 17 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल तीन दिवसीय शैक्षणिक दौरे पर छत्तीसगढ़ आया है।
प्रतिनिधिमंडल के कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक विरासत को समझना भी शामिल है। इसी क्रम में छात्र प्रतिनिधिमंडल ऐतिहासिक स्थल सिरपुर का भ्रमण करेगा और यहां की प्राचीन बौद्ध विरासत, स्थापत्य, कला तथा सांस्कृतिक इतिहास को करीब से समझेगा।
युवाओं का संवाद लिखेगा दोस्ती का नया अध्याय
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को छत्तीसगढ़ प्रवास के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसी यात्राएं दोनों देशों की नई पीढ़ी को एक-दूसरे की संस्कृति, उपलब्धियों और संभावनाओं से परिचित कराती हैं।
उन्होंने विश्वास जताया कि भारत और जापान के युवाओं के बीच बढ़ता संवाद भविष्य में मित्रता, ज्ञान, नवाचार और साझी प्रगति के नए अध्याय लिखने में मदद करेगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, NIT रायपुर के प्रोफेसर दिलीप सिंह सिसोदिया, डॉ. समीर बाजपेयी, IIT हैदराबाद के प्रोफेसर सी.के. मोहन, उद्योग विभाग के अतिरिक्त संचालक संजय गजघाटे, उपसंचालक अमय त्रिपाठी, CHiPS के ज्वाइंट CEO अनुपम आशीष टोप्पो सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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