5 दिन की कस्टोडियल रिमांड पूरी होने के बाद ED ने दोनों आरोपियों को विशेष अदालत में किया पेश, आगे रिमांड नहीं मांगी

रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित DMF (जिला खनिज संस्थान न्यास) और CGPSC भर्ती घोटाला मामलों में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच आगे बढ़ रही है। पांच दिनों की कस्टोडियल रिमांड पूरी होने के बाद ED ने शनिवार को दोनों मामलों के आरोपियों को रायपुर स्थित विशेष अदालत में पेश किया।
ED की ओर से आगे रिमांड की मांग नहीं किए जाने पर अदालत ने DMF मामले के आरोपी सतपाल सिंह छाबड़ा और CGPSC मामले के आरोपी उत्कर्ष चंद्राकर को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया।
5 दिन की कस्टोडियल रिमांड के बाद जेल भेजे गए
दोनों आरोपियों से ED ने कस्टोडियल रिमांड के दौरान मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर पूछताछ की। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद उन्हें शनिवार को विशेष अदालत में पेश किया गया। ED ने इस चरण में दोनों की आगे की कस्टोडियल रिमांड नहीं मांगी।
इसके बाद अदालत ने दोनों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
CGPSC मामले में पेपर लीक को लेकर ED का बड़ा दावा
CGPSC भर्ती मामले की जांच में ED के अनुसार परीक्षा में कथित धांधली को लेकर कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। एजेंसी का दावा है कि कुछ अभ्यर्थियों से बड़ी रकम लेकर उन्हें परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का नेटवर्क संचालित किया जा रहा था।
ED के विशेष वकील सौरभ पांडेय के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी उत्कर्ष चंद्राकर की कथित भूमिका प्रीलिम्स और मेन्स परीक्षा के पेपर अभ्यर्थियों तक पहुंचाने वाले नेटवर्क से जुड़ी रही है।
महिला अभ्यर्थी के बयान से सामने आया कथित पेपर लीक का मामला
जांच के दौरान एक महिला अभ्यर्थी के बयान का भी ED ने उल्लेख किया है। एजेंसी के अनुसार, महिला ने जांच अधिकारियों को बताया कि प्रीलिम्स परीक्षा से पहले उसे जो प्रश्नपत्र दिया गया था, उसके सवाल वास्तविक परीक्षा के प्रश्नपत्र से पूरी तरह मेल खाते थे।
ED के अनुसार, इसके बाद महिला से मेन्स परीक्षा का पेपर उपलब्ध कराने के नाम पर करीब 70 लाख रुपये लिए गए। हालांकि, मेन्स परीक्षा के दौरान दिया गया कथित पेपर वास्तविक प्रश्नपत्र से मेल नहीं खाया।
एजेंसी को आशंका है कि इसी तरह अन्य अभ्यर्थियों से भी बड़ी रकम वसूली गई हो सकती है। इस पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।
कई संदिग्धों से पूछताछ की तैयारी
ED अब मामले से जुड़े संदिग्धों और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ की तैयारी कर रही है। जांच एजेंसी की ओर से अलग-अलग लोगों को समन जारी किए जाने की प्रक्रिया जारी बताई गई है।
जांच का उद्देश्य कथित पेपर लीक और पैसों के लेनदेन से जुड़े पूरे नेटवर्क की कड़ियों को सामने लाना है। ED आगामी 60 दिनों के भीतर विस्तृत जांच पूरी कर अदालत में प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट दाखिल करने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है।
DMF मामले में भी जांच जारी
CGPSC भर्ती मामले के साथ-साथ DMF घोटाला मामले में भी ED की कार्रवाई जारी है। इस मामले में आरोपी सतपाल सिंह छाबड़ा को भी कस्टोडियल रिमांड पूरी होने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
दोनों मामलों में आगे की जांच के दौरान ED द्वारा सामने लाए जाने वाले तथ्यों और अदालत में पेश किए जाने वाले दस्तावेजों पर अब नजर रहेगी।




