बागबाहरा की प्रियांशी यादव का रायपुर के प्रतिष्ठित स्कूल में चयन, कक्षा 6वीं से 12वीं तक निःशुल्क शिक्षा प्राप्त करेगी

महासमुंद, 8 सितंबर 2026। आर्थिक रूप से कमजोर और श्रमिक परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना से महासमुंद जिले की एक श्रमिक परिवार की बेटी को बड़ी सौगात मिली है। विकासखंड बागबाहरा के ग्राम फुलवारी निवासी श्रमिक पूनम कुमार यादव की बेटी प्रियांशी यादव का चयन राजधानी रायपुर के प्रतिष्ठित कांगेर वैली स्कूल में हुआ है।
प्रियांशी अब कक्षा 6वीं से 12वीं तक वहां निःशुल्क शिक्षा प्राप्त करेगी। इस उपलब्धि से परिवार में खुशी का माहौल है। श्रमिक परिवार के लिए यह अवसर इसलिए भी खास है, क्योंकि निजी आवासीय स्कूल की महंगी शिक्षा का खर्च उठाना उनके लिए आसान नहीं था।
बेटी के चयन से परिवार में खुशी
प्रियांशी के चयन पर उनके पिता पूनम कुमार यादव ने खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनकी बेटी को इतने प्रतिष्ठित और महंगे स्कूल में पढ़ने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना को श्रमिक परिवारों के बच्चों के लिए उम्मीद और अवसर देने वाली योजना बताया। साथ ही मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली सरकार के प्रति आभार जताते हुए कहा कि सरकार श्रमिकों के साथ-साथ उनके बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए भी शिक्षा के अवसर उपलब्ध करा रही है।
श्रमिक परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा
छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चों के लिए अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना संचालित की जा रही है। योजना का उद्देश्य आर्थिक परिस्थितियों के कारण गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित रहने वाले बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है।
योजना के तहत पात्र श्रमिकों के बच्चों को श्रेष्ठ निजी आवासीय विद्यालयों में कक्षा 6वीं में प्रवेश दिलाकर गुणवत्तापूर्ण और निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराई जाती है।
बेहतर शिक्षा से सपनों को मिलेगी नई उड़ान
प्रियांशी यादव का चयन इस योजना के उद्देश्य का एक उदाहरण है। श्रमिक परिवार से आने वाली प्रियांशी को अब रायपुर के प्रतिष्ठित स्कूल में पढ़ाई करने का अवसर मिलेगा। इससे उसे बेहतर शैक्षणिक माहौल के साथ आगे बढ़ने और अपने भविष्य के सपनों को पूरा करने का अवसर मिलेगा।
अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना जैसी पहल आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के प्रतिभाशाली बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने और उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
