पुसौर थाना क्षेत्र में 2024 में हुई वारदात के मामले में विशेष न्यायालय का फैसला, छह दोषियों को सजा और आर्थिक दंड
- 1. रायगढ़ में सामूहिक दुष्कर्म मामले में फैसला | दो दोषियों को अंतिम सांस तक उम्रकैद
- 2. पुसौर केस में छह दोषी करार | चार को 20-20 साल का कठोर कारावास
- 3. 2024 की वारदात पर अदालत का फैसला | छह बालिग दोषियों को कड़ी सजा

रायगढ़ जिले के पुसौर थाना क्षेत्र में अगस्त 2024 में हुई सामूहिक दुष्कर्म की वारदात के मामले में विशेष न्यायालय ने फैसला सुनाया है। अदालत ने मामले में छह बालिग दोषियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है।
फैसले के अनुसार सचीदानंद साहू उर्फ मुनु और उत्तम मिर्धा को आजीवन कारावास की सजा दी गई है। वहीं कृष्णा चौहान, नरेंद्र सिदार, बबलू चौहान और राहुल खड़िया को 20-20 साल के कठोर कारावास के साथ आर्थिक दंड की सजा सुनाई गई है।
19 अगस्त 2024 की वारदात
मामला 19 अगस्त 2024 का है। अभियोजन के अनुसार, 27 वर्षीय पीड़िता अकेले मेला देखने जा रही थी। इसी दौरान केसाईपाली मार्ग पर पूर्व परिचित कृष्णा चौहान ने अपने साथियों के साथ उसे घेर लिया।
आरोप है कि विरोध करने पर आरोपियों ने पीड़िता को जान से मारने और शव को ठिकाने लगाने की धमकी दी। इसके बाद उसे जबरन तालाब के पचरी घाट की ओर ले जाया गया, जहां उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया।
भागकर पहुंची ग्रामीणों के पास
अभियोजन के अनुसार, घटना के बाद पीड़िता को एक आरोपी के घर ले जाया गया। मौका मिलने पर वह वहां से भाग निकली और स्थानीय महिलाओं तथा गांव के सरपंच को घटना की जानकारी दी।
सरपंच ने मौके पर पहुंचकर पीड़िता को सुरक्षित उसके घर पहुंचाया। डर के कारण पीड़िता ने घटना वाले दिन परिजनों को जानकारी नहीं दी। अगले दिन उसने अपनी मां को पूरी घटना बताई, जिसके बाद पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई गई।
डीएनए जांच और वैज्ञानिक साक्ष्य
मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने पीड़िता के बयान दर्ज किए और वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए। जांच के दौरान पीड़िता और आरोपियों का डीएनए परीक्षण भी कराया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एससी/एसटी एक्ट की संबंधित धाराएं भी जोड़ी गईं।
नौ आरोपियों में से छह को सजा
विवेचना में कुल नौ आरोपियों के नाम सामने आए थे। इनमें दो नाबालिगों का मामला किशोर न्याय बोर्ड को अलग से भेजा गया। वहीं एक आरोपी की विचारण के दौरान मृत्यु हो गई।
विशेष लोक अभियोजक राजीव बेरीवाल द्वारा पेश किए गए साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने छह बालिग दोषियों को सजा सुनाई।
