बैहर के जागला गांव पहुंचेंगे लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष | बच्चों की मौत और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर कांग्रेस उठा रही सवाल
- 1. बालाघाट में आदिवासी बच्चों की मौत पर राहुल गांधी की नजर | आज प्रभावित परिवारों से मुलाकात
- 2. जागला गांव पहुंचेंगे राहुल गांधी | बैगा बच्चों की मौत के मामले में परिवारों से करेंगे बातचीत
- 3. आदिवासी बच्चों की मौत के बाद बढ़ी सियासी हलचल | राहुल गांधी का बालाघाट दौरा आज

जागला गांव पहुंचेंगे राहुल गांधी
भोपाल/बालाघाट: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी गुरुवार, 1 अक्टूबर को मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के बैहर विकासखंड स्थित जागला गांव पहुंचेंगे। यहां वह हाल के महीनों में जान गंवाने वाले बैगा आदिवासी बच्चों के परिवारों से मुलाकात करेंगे। उनका दौरा करीब एक घंटे का बताया गया है।
बालाघाट के बैहर और बिरसा क्षेत्र के आदिवासी बहुल गांवों में बच्चों की मौतों का मामला पिछले कुछ समय से चर्चा में है। विभिन्न रिपोर्टों और प्रशासनिक आंकड़ों में मृत बच्चों की संख्या अलग-अलग बताई गई है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में भी इस मामले से जुड़ी याचिका पर राज्य सरकार से जवाब मांगा गया है।
मौतों के कारणों को लेकर अलग-अलग जानकारी
रिपोर्टों में बच्चों की मौत के मामलों में मलेरिया, खसरा, कुपोषण, एनीमिया, डिहाइड्रेशन और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का उल्लेख किया गया है। एक रिपोर्ट के अनुसार 30 से अधिक बच्चों की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि प्रशासन और अन्य स्रोतों के आंकड़ों में अंतर है।
राज्य सरकार की ओर से भी बालाघाट में स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कदम उठाए गए हैं। सितंबर में उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने स्वास्थ्य स्थिति की समीक्षा की थी। सरकार के अनुसार जिले में 67 नए मेडिकल अधिकारियों की पदस्थापना और स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए दो करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है।
कांग्रेस ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठाए सवाल
कांग्रेस इस मामले को लेकर राज्य सरकार पर स्वास्थ्य सेवाओं और बच्चों की मौतों के प्रबंधन को लेकर सवाल उठा रही है। पार्टी नेताओं का आरोप है कि प्रभावित आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य और टीकाकरण व्यवस्था पर्याप्त नहीं रही।
राहुल गांधी ने भी सितंबर में बालाघाट में आदिवासी बच्चों की मौतों को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठाए थे। ये उनके राजनीतिक दल की ओर से लगाए गए आरोप हैं; दूसरी ओर राज्य सरकार ने स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी है।
आदिवासी आबादी करीब 21 प्रतिशत
मध्य प्रदेश में आदिवासी समुदाय की आबादी 2011 की जनगणना के अनुसार करीब 21.1 प्रतिशत है। राज्य की विधानसभा में 47 सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं।
2023 के विधानसभा चुनाव में इन 47 एसटी आरक्षित सीटों में भाजपा ने 24, कांग्रेस ने 22 और भारत आदिवासी पार्टी ने एक सीट जीती थी। 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 47 एसटी सीटों में से 30 पर जीत दर्ज की थी। ये आंकड़े चुनावी इतिहास को दर्शाते हैं; 2028 के चुनाव के परिणाम या राजनीतिक प्रभाव का इससे अनुमान नहीं लगाया जा सकता।
2028 विधानसभा चुनाव से पहले आदिवासी मुद्दे अहम
मध्य प्रदेश में अगला विधानसभा चुनाव 2028 में होना निर्धारित है। उससे पहले बालाघाट में बच्चों की मौत, स्वास्थ्य सुविधाएं, पोषण, टीकाकरण और आदिवासी क्षेत्रों में सरकारी सेवाओं से जुड़े मुद्दे राजनीतिक चर्चा का हिस्सा बने हुए हैं। राहुल गांधी का बालाघाट दौरा इसी पृष्ठभूमि में हो रहा है।
