जलवायु परिवर्तन के प्रभावों पर जागरूकता, प्रकृति भ्रमण और बर्ड वाचिंग के जरिए मिला व्यावहारिक प्रशिक्षण
- 1. जशपुर में जैव विविधता संरक्षण को लेकर प्रशिक्षण कार्यक्रम
- 2. जलवायु परिवर्तन के प्रभावों की जानकारी, युवाओं को दस्तावेजीकरण का प्रशिक्षण
- 3. प्रकृति भ्रमण और बर्ड वाचिंग से वन्यजीव पहचान का मिला व्यावहारिक अनुभव

जशपुर वनमंडल में सेवा संकल्प अभियान के तहत युवाओं, स्थानीय समुदायों और वन अमले को जलवायु परिवर्तन एवं जैव विविधता संरक्षण से जोड़ने के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में युवाओं को ‘नागरिक विज्ञान’ के माध्यम से स्थानीय जैव विविधता के वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण और संरक्षण का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
जलवायु परिवर्तन और जैव विविधता पर चर्चा
जशपुर: कार्यक्रम में वन मुख्यालय रायपुर के विषय विशेषज्ञ डॉ. अनिल श्रीवास्तव और कृषि महाविद्यालय, अम्बिकापुर के रिसर्च एसोसिएट श्री यमलेश निषाद ने जलवायु परिवर्तन के कारणों और पर्यावरण एवं जैव विविधता पर इसके प्रभावों की जानकारी दी। प्रतिभागियों को बदलती जलवायु परिस्थितियों में वन पारिस्थितिकी तंत्र के प्रभावी प्रबंधन और जैव विविधता संरक्षण के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया गया।
‘युवान’ पहल से मिला वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण का प्रशिक्षण
फाउंडेशन फॉर इकोलॉजिकल सिक्यूरिटी, रायपुर की ‘युवान’ पहल के माध्यम से युवाओं को स्थानीय जैव विविधता के वैज्ञानिक अवलोकन और दस्तावेजीकरण की प्रक्रिया समझाई गई। ‘मेरा युवा भारत’, जशपुर के स्वयंसेवकों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।
पक्षियों और तितलियों की पहचान सीखी
प्रशिक्षण में पक्षियों, तितलियों और सरीसृपों के पारिस्थितिक महत्व तथा उनके संरक्षण की जानकारी दी गई। प्रकृति भ्रमण और बर्ड वाचिंग के दौरान प्रतिभागियों ने स्थानीय वनस्पतियों एवं जीव-जंतुओं की पहचान, क्षेत्रीय अवलोकन और उनके अभिलेखीकरण का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया।
वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी भी हुए शामिल
कार्यक्रम में जशपुर के वनमंडलाधिकारी श्री शशि कुमार सहित वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, विषय विशेषज्ञ और विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं और स्थानीय समुदायों की भागीदारी के माध्यम से जैव विविधता संरक्षण तथा जलवायु परिवर्तन के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देना रहा।
