योनो, पेटीएम और फोन-पे एप नहीं चलने पर सर्विस सेंटर गया था जेल प्रहरी, दो दिन बाद खाते से रकम गायब मिली

रायपुर। केंद्रीय जेल रायपुर में पदस्थ एक जेल प्रहरी के बैंक खाते से साइबर ठगों ने 95 हजार रुपये पार कर दिए। मोबाइल में योनो, पेटीएम और फोन-पे एप काम नहीं करने पर जेल प्रहरी ने मोबाइल को सर्विस सेंटर में दिखाया था। वहां मोबाइल फॉर्मेट कराने के बाद दो दिन बाद जब उन्होंने दोबारा एप डाउनलोड किए और बैंक खाता चेक किया, तो रकम गायब मिली।
मोबाइल एप काम नहीं करने पर कराया फॉर्मेट
गंज पुलिस के अनुसार, जेल प्रहरी आत्माराम सिन्हा जेल कॉलोनी स्थित क्वार्टर में रहते हैं। 28 सितंबर की सुबह करीब 9 बजे उनके मोबाइल में योनो, पेटीएम और फोन-पे एप काम नहीं कर रहे थे। इसके बाद वह मोबाइल सर्विस सेंटर पहुंचे। वहां मोबाइल की जांच करने के बाद उसे फॉर्मेट कर दिया गया।
दो दिन बाद खाते से गायब मिले 95 हजार
30 सितंबर को आत्माराम सिन्हा ने मोबाइल में दोबारा योनो, पेटीएम और फोन-पे एप डाउनलोड किए। इसके बाद जब उन्होंने अपना बैंक खाता चेक किया, तो उसमें से 95 हजार रुपये निकल चुके थे।
रकम गायब होने की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई।
एसबीआई खाते से दूसरे बैंक में हुआ ट्रांसफर
साइबर हेल्पलाइन पर की गई शिकायत की जांच में पता चला कि 29 सितंबर को सुबह 11:59 बजे उनके एसबीआई खाते से 95 हजार रुपये यूनिटी स्माल फाइनेंस बैंक के एक खाते में ट्रांसफर किए गए थे।
शिकायत के आधार पर गंज पुलिस ने धोखाधड़ी का अपराध दर्ज कर लिया है। पुलिस अब संबंधित बैंक खाते के धारक और रकम के लेन-देन से जुड़ी जानकारी जुटा रही है।
इसे भी पढ़े…..
आज का राशिफल 6 अक्टूबर 2026: कर्क राशि में चंद्रमा, इंदिरा एकादशी पर जानें 12 राशियों का भविष्यफल
- दल्लीराजहरा के गार्डन में भीषण आग, सौंदर्यीकरण के लिए लगाए गए सजावटी पुतले जलकर खाक

- भाजपा विधायक संजय पाठक की कंपनी से कथित धोखाधड़ी मामले में रायपुर के कारोबारी की गिरफ्तारी टली, पुलिस पहुंचने से पहले फरार

- रायगढ़ पुलिस की दो जुआ फड़ों पर एक साथ दबिश, 29 जुआरी गिरफ्तार; 9 लाख रुपये से अधिक नकद जब्त

- नक्सलमुक्त बस्तर के कई गांवों में पहली बार मनेगी दिवाली, डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने दी शुभकामनाएं

- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छात्रा दिव्या पुरी को लिखा पत्र, पढ़ाई और आत्मनिर्भरता के लिए किया प्रोत्साहित

