गृहमंत्री का निजी सहायक बताकर नौकरी लगवाने का झांसा, सिविल लाइन पुलिस ने दो आरोपितों को गिरफ्तार किया

नौकरी दिलाने के नाम पर 70 हजार रुपये लिए
रायपुर: सरकारी नौकरी लगवाने और सरकारी कर्मचारियों का स्थानांतरण कराने का झांसा देकर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने के मामले में सिविल लाइन पुलिस ने दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान आदित्य मोहन पंडा (23) और संतराम यादव (38) के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार, आदित्य खुद को गृहमंत्री का निजी सहायक बताकर लोगों पर प्रभाव जमाता था। वहीं संतराम भी प्रभावशाली लोगों से संपर्क होने का दावा कर नौकरी लगवाने का भरोसा देता था।
मामले की शिकायत बोस्टो तांडी ने सिविल लाइन थाने में दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, आरोपितों ने उसे सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा दिया था। आदित्य ने खुद को गृहमंत्री का निजी सहायक बताते हुए नौकरी लगवाने का दावा किया और इसके एवज में 70 हजार रुपये लिए। रकम लेने के बाद भी नौकरी नहीं लगवाई गई।
शिकायत के बाद पुलिस ने शुरू की जांच
शिकायत के आधार पर सिविल लाइन पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने शिकायतकर्ता और अन्य गवाहों से पूछताछ की। जांच के दौरान आदित्य मोहन पंडा, निवासी कमल विहार, और संतराम यादव, निवासी देवपुरी, को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
नौकरी के साथ ट्रांसफर का भी झांसा
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में सामने आया कि दोनों आरोपित सरकारी नौकरी लगवाने के साथ कर्मचारियों का स्थानांतरण कराने का झांसा देकर भी लोगों से रकम लेते थे।
पुलिस का दावा है कि अब तक करीब 15 लोगों से लगभग 25 लाख रुपये लिए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस आरोपितों से पूछताछ कर अन्य संभावित पीड़ितों और ठगी की रकम के संबंध में जानकारी जुटा रही है।
मामले में पुलिस की जांच जारी है।
